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स्वतंत्रता आंदोलन में कविताओं ने राष्ट्रवाद के प्रति किया प्रेरित
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर कला सांस्कृतिक एवं भाषा अकादमी की ओर से केएल सहगल हाल में चार दिवसीय कविता उत्सव का वीरवार को आगाज हुआ। पहले दिन हिंदी कवि सम्मेलन हुआ, जिसमें प्रसिद्ध कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
कवि सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. निर्मल विनोद ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्य और कविताओं ने जनता के बीच राष्ट्रवाद के प्रति जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ हिंदी कवि एवं लेखक प्रो. डॉ. राज कुमार ने कविता उत्सव के आयोजन के लिए अकादमी के प्रयासों की सराहना की। कहा कि राष्ट्रीय और स्थानीय भाषा के उत्थान में अकादमी की भूमिका अहम होती है और इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय भाषाओं के उत्थान में भी भूमिका निभाते हैं। कवि सम्मेलन में प्रो. राज कुमार, डॉ. आदर्श प्रकाश, प्रो. निर्मल विनोद, श्याम बिहारी, नरेश कुमार उदासी, महाराज कृष्ण मूसा, संजीव भसीन, डॉ. डोगरा, पवन खजूरिया, डॉ. पुरुषोत्तम कुमार, विक्रम शाही, अमिता मेहता, डॉ. जसपाल सिंह, सुमन पॉल और सोनिया उपाध्याय ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। सांस्कृतिक अकादमी के अतिरिक्त सचिव डॉ. एस. अमन ने कहा कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य कवियों को मंच प्रदान करना है।
11वीं अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 17 से
जम्मू-कश्मीर रचनात्मक कला केंद्र (जेकेसीसीए) 17 जनवरी से 11वीं अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी (ऑनलाइन) का आयोजन करने जा रहा है। इसमें देश-विदेश के युवा कलाकारों की कृतियों के साथ 74 प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी दर्शकों को अलग-अलग जगहों पर काम करने वाले कलाकारों की कला कृतियों को उनकी शैली को नजदीक से निहारने का अवसर प्रदान करेगी।
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कवि सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. निर्मल विनोद ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्य और कविताओं ने जनता के बीच राष्ट्रवाद के प्रति जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ हिंदी कवि एवं लेखक प्रो. डॉ. राज कुमार ने कविता उत्सव के आयोजन के लिए अकादमी के प्रयासों की सराहना की। कहा कि राष्ट्रीय और स्थानीय भाषा के उत्थान में अकादमी की भूमिका अहम होती है और इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय भाषाओं के उत्थान में भी भूमिका निभाते हैं। कवि सम्मेलन में प्रो. राज कुमार, डॉ. आदर्श प्रकाश, प्रो. निर्मल विनोद, श्याम बिहारी, नरेश कुमार उदासी, महाराज कृष्ण मूसा, संजीव भसीन, डॉ. डोगरा, पवन खजूरिया, डॉ. पुरुषोत्तम कुमार, विक्रम शाही, अमिता मेहता, डॉ. जसपाल सिंह, सुमन पॉल और सोनिया उपाध्याय ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। सांस्कृतिक अकादमी के अतिरिक्त सचिव डॉ. एस. अमन ने कहा कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य कवियों को मंच प्रदान करना है।
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11वीं अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 17 से
जम्मू-कश्मीर रचनात्मक कला केंद्र (जेकेसीसीए) 17 जनवरी से 11वीं अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी (ऑनलाइन) का आयोजन करने जा रहा है। इसमें देश-विदेश के युवा कलाकारों की कृतियों के साथ 74 प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी दर्शकों को अलग-अलग जगहों पर काम करने वाले कलाकारों की कला कृतियों को उनकी शैली को नजदीक से निहारने का अवसर प्रदान करेगी।
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