{"_id":"61980c1e594b1c0c833c7b0b","slug":"cultural-jammu-city-news-jmu2482069159","type":"story","status":"publish","title_hn":"चांदनगर सभी गुरुद्वारों में प्रकाशोत्सव की धूम, उप राज्यपाल समेत हजारों संगत ने टेका माथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चांदनगर सभी गुरुद्वारों में प्रकाशोत्सव की धूम, उप राज्यपाल समेत हजारों संगत ने टेका माथा
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जम्मू। सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव जी का प्रकाशोत्सव शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। चांदनगर गुरुद्वारा समेत सभी गुरुद्वारों में अखंड पाठ का भोग डालने के साथ ही दीवान सजाकर रागी जत्थों ने गुरु की महिमा का बखान किया। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा समेत जिले भर से आई संगत ने चांदनगर स्थित गुरुद्वारा में गुरु दरबार में मत्था टेका और आशीर्वाद ग्रहण किया। कोरोना प्रोटोकाल का सभी गुरुद्वारों में पालन किया गया।
रागी जत्थों ने शबद कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना दिया। गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल कर दिया। चांद नगर गुरुद्वारे में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों को प्रकाश उत्सव की शुभकामनाएं दी। साथ ही सभी के लिए निरंतर शांति, समृद्धि, सुख और कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने गुरु नानक जी की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि गुरु जी समाज सुधार के प्रति गहरी संवेदना, परोपकार, प्रेम, सहानुभूति, सहृदयता, दानशीलता की भावना रखते थे। गुरु जी महान व्यक्तित्व के स्वामी थे। उन्होंने समाज को अंधकार से प्रकाश प्रकाश की ओर ले जाने का काम किया। उनकी शिक्षाएं हमारे लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में काम कर रही हैं। सभी लोगों को गुरु जी के महान कार्यों को ध्यान में रखते हुए उनके पद चिह्नों पर चलना चाहिए। समाज में हर वर्ग के दीन हीन लोगों की सहायता करनी चाहिए। हर व्यक्ति को गुरु जी की सत्य वाणी का पाठ पढ़ाने से जीवन शैली में बदलाव हो सकेगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि धर्म जीवन का मूल आधार होता है। धर्म समन्वय करता है। समाज को जोड़ने का काम करता है। गुरु जी ने हमेशा दया, संतोष की बात की है। उनके सत्य वचन को अपने जीवन में डालने और दूसरों तक पहुंचाना मानवता का परम धर्म और कर्म है।
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पंजाबी को राजभाषा का दर्जा देने पर होगा विचार
उपराज्यपाल ने कहा कि आधिकारिक भाषा अधिनियम 2020 में पंजाबी को राजभाषा का दर्जा नहीं मिला है। सिख समुदाय ने इसकी मांग उठाई है। जल्द ही इस बारे में विचार विमर्श किया जाएगा।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं पिछले 500 वर्षों से पूरी मानवता को रास्ता दिखा रही
उपराज्यपाल ने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं पिछले 500 वर्षों से पूरी मानवता को रास्ता दिखा रही हैं। उनकी शिक्षाओं का एक-एक शब्द आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना 500 साल पहले था। नई पीढ़ियों को मानव जीवन के उद्देश्य को समझने और एक संपूर्ण जीवन यात्रा करने के लिए गुरु नानक जी द्वारा प्रचारित महान शिक्षाओं को आत्मसात करना चाहिए। हम सभी का कर्तव्य है कि हम उनके संतोष और मानव सेवा के मंत्र को अपने जीवन में आत्मसात करें और इसे जन-जन तक फैलाएं।
कोविड में सिख समुदाय के प्रयासों की सराहना की
कोविड के दौरान जम्मू और कश्मीर में सिख समुदाय के प्रयासों की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि उन्होंने गुरुओं के आशीर्वाद से सक्रिय रूप से मानवता की सेवा की है। कोविड के दौरान लोगों को भोजन और राशन उपलब्ध कराने के लिए सिख समुदाय द्वारा किया गया कार्य पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
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रागी जत्थों ने शबद कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना दिया। गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल कर दिया। चांद नगर गुरुद्वारे में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों को प्रकाश उत्सव की शुभकामनाएं दी। साथ ही सभी के लिए निरंतर शांति, समृद्धि, सुख और कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने गुरु नानक जी की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि गुरु जी समाज सुधार के प्रति गहरी संवेदना, परोपकार, प्रेम, सहानुभूति, सहृदयता, दानशीलता की भावना रखते थे। गुरु जी महान व्यक्तित्व के स्वामी थे। उन्होंने समाज को अंधकार से प्रकाश प्रकाश की ओर ले जाने का काम किया। उनकी शिक्षाएं हमारे लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में काम कर रही हैं। सभी लोगों को गुरु जी के महान कार्यों को ध्यान में रखते हुए उनके पद चिह्नों पर चलना चाहिए। समाज में हर वर्ग के दीन हीन लोगों की सहायता करनी चाहिए। हर व्यक्ति को गुरु जी की सत्य वाणी का पाठ पढ़ाने से जीवन शैली में बदलाव हो सकेगा।
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उपराज्यपाल ने कहा कि धर्म जीवन का मूल आधार होता है। धर्म समन्वय करता है। समाज को जोड़ने का काम करता है। गुरु जी ने हमेशा दया, संतोष की बात की है। उनके सत्य वचन को अपने जीवन में डालने और दूसरों तक पहुंचाना मानवता का परम धर्म और कर्म है।
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पंजाबी को राजभाषा का दर्जा देने पर होगा विचार
उपराज्यपाल ने कहा कि आधिकारिक भाषा अधिनियम 2020 में पंजाबी को राजभाषा का दर्जा नहीं मिला है। सिख समुदाय ने इसकी मांग उठाई है। जल्द ही इस बारे में विचार विमर्श किया जाएगा।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं पिछले 500 वर्षों से पूरी मानवता को रास्ता दिखा रही
उपराज्यपाल ने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं पिछले 500 वर्षों से पूरी मानवता को रास्ता दिखा रही हैं। उनकी शिक्षाओं का एक-एक शब्द आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना 500 साल पहले था। नई पीढ़ियों को मानव जीवन के उद्देश्य को समझने और एक संपूर्ण जीवन यात्रा करने के लिए गुरु नानक जी द्वारा प्रचारित महान शिक्षाओं को आत्मसात करना चाहिए। हम सभी का कर्तव्य है कि हम उनके संतोष और मानव सेवा के मंत्र को अपने जीवन में आत्मसात करें और इसे जन-जन तक फैलाएं।
कोविड में सिख समुदाय के प्रयासों की सराहना की
कोविड के दौरान जम्मू और कश्मीर में सिख समुदाय के प्रयासों की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि उन्होंने गुरुओं के आशीर्वाद से सक्रिय रूप से मानवता की सेवा की है। कोविड के दौरान लोगों को भोजन और राशन उपलब्ध कराने के लिए सिख समुदाय द्वारा किया गया कार्य पूरे देश के लिए प्रेरणा है।