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जम्मू हाट में लोगों ने डुग्गर लोक संस्कृति के साथ व्यंजन का भी उठाया लुत्फ
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जम्मू। शहर वासियों को डुग्गर प्रदेश की लोक संस्कृति, व्यंजन, हस्तशिल्प की प्रदर्शनी देखने को मिली। जम्मू हाट में पर्यटन विभाग ने मेरे देेशे दा शलैपा सांस्कृतिक प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें जम्मू की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोगों की जीवन शैली की झलक देखने को मिली।
पर्यटन विभाग ने उद्योग और वाणिज्य विभाग और जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी के साथ मिलकर इस प्रदर्शनी का आयोजन किया है। प्रदर्शनी में हस्तशिल्प विभाग और अमर संतोष आर्ट गैलरी और संग्रहालय ने भाग लिया। इसमें पुराने स्मारकों, पत्थर के औजार, प्राचीन उपकरणों, पांडुलिपियों, बसोहली पेंटिंग्स, बिन्नास आदि स्टालों और फोटो प्रदर्शनी थी, जिसे काफी संख्या में लोग देखने पहुंचे थे। प्रदर्शनी के साथ डुग्गर प्रदेश का लोक संगीत और नृत्य पर भी प्रस्तुतियां दी गई।
जम्मू हाट के प्रवेश द्वारों को प्राकृतिक और हर्बल रंगों से सुंदर और कलात्मक रूप से बनाई गई रंगोली से सजाया गया था, जो विशेष रूप से रुट रहाडे डोगरा उत्सव के लिए बनाई गई थी। इसके साथ जेकेटीडीसी द्वारा दाल मदरा, भटूरा, मीठे चावल, राजमाश, अंबल आदि जैसे स्थानीय व्यंजनों के स्टाल लगाए थे, जिसका लोगों आनंद लिया।
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पर्यटन निदेशक जम्मू विवेकानंद राय ने कहा कि इस तरह का आयोजन स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने और दिखाने का मंच मिलता है। इसके साथ ऐसे आयोजन जम्मू हाट को सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने मदद करेंगे। आईएंडसी निदेशक अनु मल्होत्रा ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय शिल्पकारों को अपनी कला दिखाने का मौका देेने के साथ एक बाजार भी उपलब्ध करवाता है।
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पर्यटन विभाग ने उद्योग और वाणिज्य विभाग और जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी के साथ मिलकर इस प्रदर्शनी का आयोजन किया है। प्रदर्शनी में हस्तशिल्प विभाग और अमर संतोष आर्ट गैलरी और संग्रहालय ने भाग लिया। इसमें पुराने स्मारकों, पत्थर के औजार, प्राचीन उपकरणों, पांडुलिपियों, बसोहली पेंटिंग्स, बिन्नास आदि स्टालों और फोटो प्रदर्शनी थी, जिसे काफी संख्या में लोग देखने पहुंचे थे। प्रदर्शनी के साथ डुग्गर प्रदेश का लोक संगीत और नृत्य पर भी प्रस्तुतियां दी गई।
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जम्मू हाट के प्रवेश द्वारों को प्राकृतिक और हर्बल रंगों से सुंदर और कलात्मक रूप से बनाई गई रंगोली से सजाया गया था, जो विशेष रूप से रुट रहाडे डोगरा उत्सव के लिए बनाई गई थी। इसके साथ जेकेटीडीसी द्वारा दाल मदरा, भटूरा, मीठे चावल, राजमाश, अंबल आदि जैसे स्थानीय व्यंजनों के स्टाल लगाए थे, जिसका लोगों आनंद लिया।
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पर्यटन निदेशक जम्मू विवेकानंद राय ने कहा कि इस तरह का आयोजन स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने और दिखाने का मंच मिलता है। इसके साथ ऐसे आयोजन जम्मू हाट को सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने मदद करेंगे। आईएंडसी निदेशक अनु मल्होत्रा ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय शिल्पकारों को अपनी कला दिखाने का मौका देेने के साथ एक बाजार भी उपलब्ध करवाता है।