फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   CRPF DG K Durga feels sorry for pellet injuries in Kashmir

कश्मीर में पेलेट गन से हुए जख्मों पर सीआरपीएफ ने जताया अफसोस

Tue, 26 Jul 2016 11:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 26 Jul 2016 11:05 AM IST
विज्ञापन
CRPF DG K Durga feels sorry for pellet injuries in Kashmir

जम्मू-कश्मीर में अनुचित बल प्रयोग का आरोप झेल रही सीआरपीएफ ने घाटी के युवाओं को छर्रे (पेलेट गन) से पहुंचे जख्मों के लिए अफसोस जताया है। इसने कहा है कि यह ‘सबसे कम नुकसान पहुंचाने वाला’ हथियार है जिसका इस्तेमाल सिर्फ अब सिर्फ अत्यंत बुरी परिस्थितियों में किया जाएगा।

विज्ञापन


एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक के दुर्गा प्रसाद ने कहा कि कोई भी हथियार ‘गैर-घातक’ नहीं होता है। उन्होंने कहा कि पेलेट गन का इस्तेमाल अक्सर कश्मीर घाटी में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है और यह सुरक्षा बल के पास उपलब्ध यह सबसे कम घातक विकल्प है।
विज्ञापन


प्रसाद ने कहा कि सीआरपीएफ के सभी जवान घाटी में तैनात हैं। यहां पर तकरीबन 114 कंपनियां और 11 हजार से ज्‍यादा सीआरपीएफ कर्मी तैनात है। इन्‍हें बीच ट्रेनिंग में से लाकर यहां तैनात किया गया है। उन्‍होंने कहा, 'लगातार तैनाती से हमारी सालाना ट्रेनिंग को नुकसान हुआ है। आज हमारी सभी ट्रेनिंग कंपनियां कश्‍मीर में हैं। दूसरे राज्‍यों की ट्रेनिंग कंपनियों को भी बुलाया गया है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

सीआरपीएफ के 1000 जवान भी घायल हुए

CRPF DG K Durga feels sorry for pellet injuries in Kashmir

कश्मीर घाटी में पेलेट के इस्तेमाल के प्रश्न का जवाब देते हुए प्रसाद ने कहा, ‘हमें उन युवाओं के लिए अफसोस है जिन्हें पेलेट गन की फायरिंग के दौरान जख्म पहुंचे। हम खुद ही इसका इस्तेमाल कम से कम करने का इस्तेमाल करते हैं ताकि कम से कम लोग घायल हों। लेकिन हम इसका इस्तेमाल बहुत बुरी परिस्थितियों में ही करते हैं जब भीड़ को दूसरे उपायों से नियंत्रित करना संभव नहीं होता है।’ 

कश्‍मीर में पथराव में सीआरपीएफ के 1000 जवान भी घायल हुए हैं। घायल जवानों के लिए प्रसाद ने अतिरिक्‍त आर्थिक मदद का एलान किया। उन्‍होंने बताया कि हल्‍की चोट पर 4000 रुपये दिए जाएंगे। अस्‍पताल में भर्ती होने वालों को 25 हजार, गोली लगने वालों को 50 हजार और स्‍थाई अपंगता होने पर एक लाख रुपये दिए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पिछले पखवाड़े हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए सीआरपीएफ कर्मियों ने पेलेट गन का इस्तेमाल किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed