NCRB Report: जम्मू-कश्मीर में आपराधिक घटनाएं घटीं, पर महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध बढ़े, 425 केस हुए दर्ज
जम्मू-कश्मीर में कुल आपराधिक घटनाओं में कमी आई है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध बढ़े हैं, जिसमें अश्लील सामग्री प्रसारित करने के मामले प्रमुख हैं। एनसीआरबी 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपहरण और घरेलू हिंसा के भी कई मामले दर्ज हुए हैं।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है मगर महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध बढ़ रहे हैं। इन अपराधों में केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर शीर्ष पर है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 2023 की वार्षिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इस साल 43 महिलाओं ने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराईं जिनमें 39 मामले अश्लील सामग्री प्रसारित करने और चार मामले ब्लैकमेलिंग या तस्वीरों से छेड़छाड़ के रहे।
एनसीआरबी की 2023 की वार्षिक रिपोर्ट में 2021 में 31,675 के मुकाबले 2023 में 2,080 की कमी के साथ 29,595 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। महिलाओं के खिलाफ अपराध में 7.21 फीसदी की कमी हुई है लेकिन साइबर अपराध बढ़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के खिलाफ 2023 में 3,653 मामले दर्ज हुए, जबकि 2021 में ये संख्या 3,937 थी। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ दर्ज सबसे आम अपराध अपहरण रहा। इसमें 2023 में 895 मामले सामने आए। इसके बाद घरेलू हिंसा (पति की क्रूरता) के 524 मामले और दुष्कर्म के 231 मामले दर्ज किए गए।
ओवरऑल आपराधिक घटनाओं को देखें तो हत्या के 84 हत्या के मामले दर्ज किए गए।
अपहरण के 1004 मामले सामने आए। 2023 में लापरवाही से हुई मौतों से जुड़े 673 मामले दर्ज किए गए। इनमें हिट-एंड-रन जैसी सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों के ही 639 मामले शामिल हैं। नौ लोगों के खिलाफ दहेज के नौ मामले और आत्महत्या के लिए उकसाने के 44 मामले दर्ज किए गए। हत्या के प्रयास के 438 और आत्महत्या के प्रयास के 434 मामले दर्ज किए गए।
घरेलू हिंसा के मामलों में यूटी में जम्मू-कश्मीर चौथे स्थान पर
घरेलू हिंसा में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों में चौथे स्थान पर रहा। जम्मू-कश्मीर में यह दर 8.1 फीसदी रही है। पहले स्थान पर दिल्ली में 42.1 फीसदी (प्रति लाख आबादी पर), दूसरे स्थान पर चंडीगढ़ 13.4 फीसदी, तीसरे स्थान पर लक्षद्वीप 9.1 फीसदी रहा और चौथे स्थान पर जम्मू-कश्मीर है। रिपोर्ट के अनुसार 427 महिलाओं का अपहरण जबरन विवाह के लिए किया गया, इसमें 10 नाबालिग थीं।
विशेष व स्थानीय कानूनों के मामले बढ़े
विशेष और स्थानीय कानूनों (एसएलएल)से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2021 में जहां ऐसे मामले 4,228 थे। वहीं 2022 में 4,282 और 2023 में बढ़कर 4,468 हो गए। इन मामलों में चार्जशीट दाखिल होने की दर 90.7 प्रतिशत रही। दूसरी ओर, आईपीसी (आईपीसी) के तहत दर्ज मामलों में कमी आई है। 2021 में 27,447 मामले दर्ज हुए जो 2022 में घटकर 25,915 और 2023 में 25,127 हो गए।
राजद्रोह का कोई मामला दर्ज नहीं
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में जम्मू-कश्मीर में राजद्रोह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ लेकिन दंगों के 425 मामले दर्ज किए गए जिनमें 655 लोग शामिल थे। सांप्रदायिक या धार्मिक हिंसा का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।