कैप्टन पत्नी का हत्यारा पति तीन हफ्ते से गायब
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जम्मू से सेना का एक कैप्टन संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया है। कैप्टन पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है। बताया जा रहा है कि तीन सप्ताह पहले कैप्टन चैतन्य भातवाडेकर जम्मू बस स्टैंड से गायब हो गए। कैप्टन के घर वालों ने जम्मू पुलिस से मिलकर उसका पता लगाने की गुहार लगाई है।
113 इंजीनियरिंग रेजिमेंट के कैप्टन चैतन्य पर अपनी पत्नी कैप्टन मेघा राजदान की हत्या का आरोप है। मेघा का शव एक जुलाई 2007 को उनके आवास पर फांसी के फंदे पर झूलता मिलता था।
शुरू में कहा गया कि मेघा ने आत्महत्या की है लेकिन जल्द ही पुलिस ने चैतन्य को मेघा के हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। गंगयाल पुलिस थाने में चैतन्य के खिलाफ राज्य की रणबीर दंड संहिता आरपीसी की धारा 306 और 498-ए के तहत मामला दर्ज है।
कहां से आया था मेघा का सुसाइड नोट
26 साल की मेघा सेना की 113 इंजीनियरिंग रेजिमेंट में कैप्टन थीं। एक जुलाई 2006 सोमवार को सुबह करीब 7:30 बजे वह अपने कुंजवानी आर्मी कैंप स्थित घर पर बेडशीट से पंखे पर लटकी मिली थीं। उनके कमरे में कंप्यूटर प्रिंटेड सुसाइड नोट मिला था।
लेकिन पुलिस ने इस सुसाइड नोट को सही नहीं माना था क्योंकि यह प्रिंटेड था और उस पर मेघा के हस्ताक्षर भी नहीं थे। यह नोट मेघा के लैपटाप पर टाइप किया गया था, लेकिन खास बात यह है कि उनके घर से प्रिंटर बरादम नहीं हुआ था।
ऐसे में सवाल उठता है कि इस नोट का प्रिंट कहां से लिया गया और कब इसे मेघा के कमरे में रखा गया? मौत से पहले मेघा के नंबर पर किसी नंबर से कई मिस्ड कॉल्स भी आई थीं।
नोट - DEMO PIC
शव पर थे चोट के निशान, खून के धब्बे
डॉक्टर्स को मेघा की गर्दन और पेट पर अंगूठे के निशान मिले थे। बाएं पैर पर हाथापाई से आई चोटों के निशान भी थे। यही नहीं, पेट पर खून के धब्बे भी पाए गए थे।
सवाल उठता है कि मेघा के घर में कई रस्सियां थीं, ऐसे में उन्होंने फांसी लगाने के लिए बेडशीट का इस्तेमाल क्यों किया?
सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं इसलिए आत्महत्या कर रही हूं क्योंकि मैं अपनी जिंदगी से नाखुश हूं। मैं सेना छोड़ना चाहती हूं लेकिन ऐसा नहीं कर पा रही हूं क्योंकि आर्मी ट्रेनिंग पर खर्च रकम लौटाने के लिए मेरी फैमिली के पास रकम नहीं है।
नोट में यह भी लिखा है कि मैं अपने कुछ सीनियरों से खफा हूं, जो अक्सर मेरा उत्पीड़न करते हैं।
नोट - DEMO PIC
'हमारी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती'
मेघा के घर वालों का कहना है कि, मेघा ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या की गई है। मेघा के पिता अरुण राजदान का कहना है कि, 'जो लड़की अपने मन से देश सेवा करने जाती है वो आत्महत्या कैसे कर सकती है। उसे सख़्त प्रशिक्षण दिया गया था।'
उनका कहना है कि मेघा का पारिवारिक जीवन सुखद था और हत्या से कुछ दिनों पहले ही उनकी पत्नी वहाँ से लौटी थीं। मेघा की हत्या के बाद सेना ने भी एक जांच समिति बनाई थी लेकिन अरुण राजदान ने इस समिति पर भरोसा करने से इनकार कर दिया था।
अरुण बताते हैं कि, 'जिस दिन ये हादसा हुआ उस दिन एक बजे मैंने और मेरी पत्नी ने मेघा से फोन पर बातचीत की थी। उसकी बातों से बिल्कुल नहीं लगा कि उसे कोई परेशानी है। अगले चार-पांच घंटों में ऐसा क्या हो गया कि उसे आत्महत्या करनी पड़ी। मैं ये बातें जांच समिति को भी बता चुका हूँ।'
नोट - DEMO PIC