डबल मर्डर में अब परिवार का होगा नार्को टेस्ट
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आठ साल पहले लोहड़ी पर्व की रात हुए दंपति हत्याकांड मामले की मैराथन जांच के बाद भी पुख्ता सुराग नहीं मिल पाया है। पंचैरी इलाके से सटे पुरानी भुत्ती इलाके में 13-14 जनवरी की मध्य रात्रि अशोक कुमार खजूरिया और उनकी पत्नी प्रोमिला खजूरिया की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी।
सैकड़ों लोगों से पूछताछ, फिंगर प्रिंट लेने के साथ ही तमाम तरह की तकनीक का इस्तेमाल कर चुकी जांच एजेंसी के हाथ आज भी खाली हैं। पुलिस अब दंपति के परिवार वालों को जांच के दायरे में लाने जा रही है। पुलिस कुछ सदस्यों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है।
वर्ष 2008 में लोहड़ी पर्व की रात वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने शक के दायरे में आए लोगों की धरपकड़ शुरू की थी। साल-दर-साल बीत जाने के बावजूद छानबीन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।
सिट गठन के बाद इसके आधा दर्जन अध्यक्ष बदले
पुलिस की जांच से जब कुछ खास सामने नहीं आया तो मृतक दंपति के घर के सदस्यों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम का गठन कर दिया गया। सिट गठन के बाद इसके आधा दर्जन अध्यक्ष बदले जा चुके हैं। जांच फिर भी अंधेरे में तीर मारने तक सीमित है।
पुलिस की जांच से जुड़े तथ्यों पर नजर दौड़ाएं तो अब तक 175 लोगों से गहन पूछताछ की जा चुकी है। सैकड़ों लोगों के फिंगर प्रिंट लिए जा चुके हैं। पंद्रह लोगों का नार्को, लाई डिटेक्टर और पोलीग्राफी टेस्ट किया जा चुका है।
दंपति हत्याकांड मामले की ताजा स्थिति संबंधी पूछे जाने पर स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के अध्यक्ष और उधमपुर के अतिरिक्त एसपी मोहनलाल कैथ ने बताया कि छानबीन में पुख्ता सुराग नहीं मिल पाया है।
उन्होंने बताया कि अब मृतक दंपति के परिवार के कुछ सदस्यों का नार्को टेस्ट करवाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस हर मुमकिन एंगल पर जांच कर रही है।