चुनावी हिंसा में कई जख्मी, मंत्री के खिलाफ केस
रियासत में विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में जहां कालाकोट में भाजपा कार्यकर्ता का घर फूंक दिया गया, वहीं बिलावर में सहकारिता मंत्री के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। राजोरी में चार पोलिंग बूथों पर सैकड़ों मतदाताओं ने घंटों बवाल मचाया।
इस दौरान रिटर्निंग अफसर के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ पथराव भी किया। बसोहली में हिंसा करने और चुनाव प्रक्रिया बाधित करने के आरोप में आजाद उम्मीदवार राजिंदर सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
सुंदरबनी के चार पोलिंग बूथों पर शाम चार बजे के करीब चार सौ मतदाता वोट डालने पहुंचे, जिन्हें रोक दिया गया। गुस्साए मतदाताओं ने हंगामा शुरू कर दिया और बूथ पर पथराव कर दिया। सुरक्षा बलों ने लाठी चार्ज कर उन्हें तितर-बितर किया।
रिटर्निंग अफसर दीप्ति उप्पल ने बताया कि लोग अवैध तरीके से मतदान करने की कोशिश कर रहे थे। समय समाप्त हो जाने के कारण उन्हें अनुमति नहीं दी गई। उधर, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष सरीन का आरोप है कि इससे पहले सुबह भी लोगों को मतदान से रोका गया। जिसकी शिकायत उन्होंने एसडीएम और मुख्य पर्यवेक्षक को की।
भाजपा कार्यकर्ता का घर जलाया
कालाकोट विधानसभा क्षेत्र में नेकां कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ता के घर पर हमला करने के अलावा उसके घर को फूंक दिया। इसके अलावा भाजपा की महिला पोलिंग एजेंट खातून बेगम की पिटाई कर दी। भाजपा उम्मीदवार अब्दुल गनी कोहली के घर पर भी नेकां कार्यकर्ताओं द्वारा पथराव किया गया।
आरोप है कि कुछ नेकां कार्यकर्ता भाजपा के कार्यकर्ता बशीर अहमद के घर पहुंचे। बशीर के न मिलने पर उन्होंने वहां रखी घास को आग लगा दी और देखते ही देखते घर में आग फैल गई। इस दौरान हमलावरों ने पुलिस पर भी पथराव किया। इससे पुलिस वाहन के शीशे टूट गए। साथ ही पांच पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। पुलिस ने नेकां कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
उधर, चुनाव ड्यूटी के दौरान डीएसपी से मारपीट करने के आरोप में बिलावर से कांग्रेस प्रत्याशी व सहकारिता राज्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। राज्यमंत्री पर आरोप है कि गांव कोहग में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर डीएसपी को डंडों से पीट बुरी तरह घायल कर दिया। जिला चुनाव अधिकारी के निर्देश पर राज्यमंत्री के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया गया है।