दुष्कर्म ओरोपी सिक्योरिटी गार्ड को 17 साल की कैद
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द्वारका अदालत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला से दुष्कर्म और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जम्मू-कश्मीर निवासी सिक्योरिटी गार्ड अजय कुमार को दोषी ठहराया।
न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने उसे दुष्कर्म में 10 साल और आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में सात साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही स्पष्ट किया कि ये सजाएं अलग-अलग चलेंगी। अदालत ने दोषी पर डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने जम्मू-कश्मीर निवासी अजय के प्रति नरमी बरतने से इनकार करते हुए कहा कि वह पीड़ित महिला को जानता था और दोनों ही एक फार्म हाउस से सटे सर्वेंट क्वार्टर में रहते थे।
अभियुक्त द्वारा यौन शोषण कर ब्लैकमेल किए जाने की वजह से पीड़ित महिला के समक्ष ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न कर दीं कि उसकी जिंदा रहने की इच्छा ही खत्म हो गई।
ब्लैकमेल कर करता रहा रेप
अदालत ने कहा, इस तरह के कृत्य से एक खुशहाल परिवार बर्बाद हो दिया। इसकी वजह से ही शिकायतकर्ता ने युवावस्था में ही अपनी पत्नी को खो दिया और उसके नाबालिग बच्चे ने अपनी मां को। ऐसे में अभियुक्त किसी प्रकार की नरमी का हकदार नहीं है।
अभियोजन के अनुसार महिला इसी साल 30 मई को कापसहेड़ा क्षेत्र में अपने घर में मृत अवस्था में मिली थी। आरोप था कि अजय ने नवंबर 2014 से मई 2015 के दौरान उससे कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
लोक लाज की वजह से महिला ने अपने दुष्कर्म की बात किसी से साझा नहीं की और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अभियुक्त महिला को धमकी देता था कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह उसका अश्लील वीडियो सबको दिखा देगा। पुलिस ने घटनास्थल से सुइसाइड नोट बरामद किया था और इसी के आधार पर अजय को गिरफ्तार किया था।