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वकील भाई की हत्या के आरोप में उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 22 Dec 2014 11:29 PM IST
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वकील करण सिंह की हत्या के मामले में ट्रायल का सामना कर रहे राज सिंह (तोप मन्हासां) को जम्मू के प्रिंसिपल सेशन जज आरएस जैन की अदालत में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियोजन केस के अनुसार चार अप्रैल 1999 को फ्लां मंडल पुलिस चौकी को सूचना मिली कि जमीन विवाद में राज सिंह ने सुबह लगभग 10.45 बजे हत्या के इरादे से अपने ही भाई करण सिंह पर हमला कर दिया।
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थ्री नाट थ्री राइफल से चली गोली से करण सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान इलाके का ही राम लाल भी जख्मी हो गया। सूचन पाकर मौके पर पहुंची सतवारी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरपीसी की धारा 302, 307 और आर्म्स एक्ट 3/25 के तहत मामला दर्ज किया। जांच अधिकारी ने चश्मदीद गवाहों के बयान लेने और जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को सही पाया। इसी आधार पर पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया।
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दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान के आधार पर प्रिंसिपल सेशन जज ने कहा कि वर्तमान केस में दोषी को उम्रकैद से कम सजा नहीं दी जा सकती। साथ ही अदालत ने उस पर धारा 302 के तहत छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में दर्ज आर्म्स एक्ट 3/25 के तहत दोषी को तीन साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न भरने पर एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोनों ही सजाएं एकसाथ चलेंगी।