जम्मू-कश्मीरः विजयपुर के पूर्व एसडीएम और नायब तहसीलदार पर धोखाधड़ी का मामला
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सांबा जिले के विजयपुर के पूर्व एसडीएम, नायब तहसीलदार समेत अन्य पर जमीन के म्यूटेशन (दाखिल खारिज) में धोखाधड़ी करने का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों ने निजी लोगों से मिलकर सिडको की ओर से जमीन अधिग्रहण के बाद भुगतान की गई राशि 2.75 करोड़ रुपये का लाभ कमाया। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले की शुरूआती जांच की और केस दर्ज कर लिया।
केस के मुताबिक गांव मीन चाढ़कां में वर्ष 1959-60 में खेवात नंबर 34, 35, 36, खसरा नंबर 126, 129, 129 और 131 की जमाबंदी की गई। इस जमीन पर पृथ्वी सिंह, साईं सिंह, तरलोक सिंह और संसार सिंह निवासी मीन चाढ़कां का मालिकाना हक था। 1993 में संसार सिंह की मृत्यु हो गई और जमीन संसार सिंह की पत्नी सोमा देवी के नाम पर हो गई।
वर्ष 2016 में सोमा देवी, रमकन कुमार, सुभाष चंद्र और सुनील सिंह ने मयूटेशन नंबर 772 को पॉवर ऑफ अटार्नी गांधी नगर जम्मू के रहने वाले रजनीश पुरी को दी, लेकिन कुछ महीने के बाद सोमा देवी, सुभाष चंद्र और सुनील सिंह ने इसे वापस ले लिया। कुछ समय बाद सिडको औद्योगिक क्षेत्र का विकास हुआ।
उस दौरान सोमा देवी के कब्जे वाली जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया में विजयपुर के एसडीएम ने अन्य राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। एसडीएम विजयपुर ने एक आदेश पारित कर सोमा देवी के नाम पर हुई म्यूटेशन नंबर 772 की समीक्षा की रिवीजन करने को कहा। तत्कालीन समैलपुर के पटवारी, बाड़ी ब्राह्मणा के गिरदावर, नायब तहसीलदार और तहसीलदार ने अपने स्तर पर ही सुभाष चंद्र और सुनील सिंह के खाते में संसार सिंह की म्यूटेशन को अटेस्ट कर दिया।
जबकि इसके पहले नायब तहसीलदार की रिपोर्ट में यह बताया गया था कि म्यूटेशन नंबर 772 की समीक्षा करने की कोई आवश्यकता नहीं। क्योंकि तरलोक सिंह की म्यूटेशन नंबर 1442 पहले से ही सुनील सिंह और सुभाष के पक्ष में अटेस्ट थी। इसके बाद अधिकारियों ने रजनीश पुरी के पक्ष में पेमेंट जारी कर दिया। जबकि यह मामला एसडीएम के पास चल रहा था।
सोमा देवी का पैसा रजनीश पुरी को दिया
सोमा देवी की वह जमीन, जो औद्योगिक विकास के लिए ली गई थी उसके लिए जो पैसा देना था, वह सोमा देवी की जगह रजनीश पुरी को दे दिया गया। इस तरह से सिडको को दी गई सोमा देवी की जमीन से अधिकारियों ने 2.75 करोड़ रुपये का लाभ लिया। रजनीश के अलावा रमन कुमार के पक्ष में फर्द काटा गया। जबकि दोनों के बीच पावर ऑफ अटार्नी वापस लेने का मामला कोर्ट में चल रहा था। एसीबी ने मामले की जांच करने के बाद रजनीश पुरी, रमन कुमार, एसडीएम, पूर्व नायब तहसीलदार समेत लाभ लेने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच चल रही है।