दुल्हन की डोली नहीं दूल्हे का शव लेकर लौटी बारात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुल्हन सोलह शृंगार कर बैठी थी। आंगन में शहनाई गूंज रही थी। महिलाएं जश्न में डूबीं हुई थीं। बारात दरवाजे पर आ चुकी थी। दुल्हन ले जाने के लिए लड़के वाले बावले होकर नाच-गा रहे थे। तभी दूल्हे को हार्ट अटैक आ गया। बारात के बीच अफरातफरी मच गई।
कुछ ही पल में दूल्हे ने दम तोड़ दिया। फिर शहनाई खामोश। हर तरफ चीख-पुकार। जश्न मातम में बदल गया। और बारात दुल्हन को डोली नहीं, दूल्हे के शव को लेकर लौटा। यह दर्दनाक हादसा कालाकोट तहसील के गांव मिथ्यानी गांव में हुआ।
दरअसल, सुंदरबनी के खंदा गांव निवासी घनश्याम की शादी कालाकोट के मिथ्यानी गांव की एक लड़की से तय हुई थी। काफी समय से दोनों परिवार में जोरशोर से तैयारियां चल रही थी। आखिर घनश्याम रविवार को घोड़ी चढ़ा।
दुल्हन के दरवाजे पर दूल्हे को हार्टअटैक
धूमधाम से वह बारात लेकर सपनों की रानी अपनी दुल्हन को लेने के लिए मिथ्यानी पहुंचा। बारात के स्वागत के लिए लड़की वालों ने भी दिग्गज तैयारियां कर रखी थी। बारात दरवाजे लग रही थी। बारात में शामिल सभी लोग ढोल की थाप पर ना-गाकर जश्न मना रहे थे।
दूसरी तरफ लड़की दूल्हे और बारात के स्वागत में खड़े थे। थोड़ी ही देर में स्टेज पर वरमाला का कार्यक्रम होने वाला था। तभी दूल्हे को दिल का दौरा पड़ गया। देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। सारी खुशियां मातम में बदल गई। जिस जगह जश्न ही जश्न था वहीं अब मातम ही मातम था।
दुल्हन वालों की सारी तैयारियां धड़ी की धड़ी रह गई। दुल्हन का शृंगार उजड़ गया। और बारात वाले दुल्हन की डोली तो नहीं ले जा सके, दूल्हे की अर्थी लेकर लौट गए। इस घटना से मिथ्याना और खंदा दोनों गांवों में मातमी माहौल बन गया।