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20 साल की कैद का फैसला कोर्ट ने किया रद्द

Sun, 05 Feb 2017 04:42 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 05 Feb 2017 04:42 PM IST
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COURT CANCELS THE ORDER OF PUNISHMENT OF PRISONMENT
हाईकोर्ट की खंडपीड ने किया खारिज - फोटो : डेमो फोटो

जम्मू में नशीले पदार्थ की तस्करी से जुड़े एक मामले में 20 साल कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा के फैसले को हाईकोर्ट की खंडपीड ने खारिज कर दिया है। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जम्मू विंग में जस्टिस मोहम्मद याकूब मीर और जस्टिस बीएस वालिया की पीठ ने कहा, एनडीपीएस एक्ट की धारा 42, 50 और 57 के इस मामले में ट्रायल कोर्ट से चूक हुई है।

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गवाहों से लेकर सबूतों के आधार पर जो तस्वीर सामने आती है, उससे आरोपी को दोषी साबित नहीं किया जा सकता है। ऐसे में 20 साल की कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा को खारिज किया जाता है।बचाव पक्ष से एडवोकेट रजनीश ओसवाल और सरकारी पक्ष से सीनियर एडिशनल एडवोकेट जनरल एसएस नंदा की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन के गवाह अनिल कुमार ने अपने बयान में कहा है कि मामला उन्होंने दर्ज नहीं किया था।
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ऐसे में महत्वपूर्ण परिस्थितियां उभरती हैं। एनडीपीएस की धाराआें पर अमल नहीं हुआ है। चूंकि गवाह अनिल कुमार के बयान से संदेह पैदा होता है, ऐसे में ट्रायल कोर्ट के फैसला तकनीकी रूप से सही नहीं ठहराया जा सकता। अभियोजन की पूरी प्रक्रिया को जांचने के बाद अदालत पूर्ववर्ती फैसले को खारिज करती है।

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