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रोहिंग्या मामले से रुपये मिलने के मामला
Updated Sun, 12 Aug 2018 01:56 AM IST
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जम्मू। दो रोहिंग्याओं से 29 लाख रुपये बरामद किए जाने के मामले में पुलिस ने प्लेसमेंट सर्विस और हवाला राशि की सप्लाई की थ्योरी पर भी काम करना शुरू कर दिया है। रुपये की खेप रोहिंग्या झुग्गियों में छोड़ने के बाद पुलिस इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए मोबाइल कॉल ट्रेस कर रही है। मोबाइल कॉल की लोकेशन कोलकाता के आसपास आ रही है।
पुलिस छानबीन कर रही है कि आतंकवाद, हवाला राशि या गुवाहाटी के बच्चों को लाकर नौकरी दिलाने के झांसे के रैकेट के रुपये तो नहीं थे। इन रुपयों को लाने व ले जाने वाले रैकेट की पूछताछ की जानकारी के लिए पुलिस कार्य कर रही है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल से इस रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है। वहीं, साथियों की तलाश के लिए राज्य की पुलिस ने पश्चिम बंगाल और असम पुलिस से संपर्क किया है।
पुलिस को आशंका है कि हर बुधवार को गुवाहाटी और सियालदह एक्सप्र्रेस ट्रेन से कुछ लड़कियों व लड़कों को नौकरी दिलाने के नाम परजम्मू लाया जा रहा है। तत्काल टिकट कटाकर इन्हें ट्रेन में बिठाया जाता है। जम्मू से कश्मीर तक इसका जाल फैला है। इन लड़कियों के पहुंचने के बाद उनके लिए पहले से ही स्टेशन पर गाड़ियां खड़ी होती हैं। जो उन्हें अलग अलग घरों में पहुंचाती हैं। रेलवे स्टेशन के अंदर से ही चल रहे इस रैकेट को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है। इन्हें लाने व ले जाने मेें लाखों रुपये की डील होती है। इस रैकेट में अधिकतर बांग्लादेशी और रोहिंग्या शामिल हैं। पकडे़ गए दोनों लोगों ने भी कबूला है दो बांग्लादेशियों ने उनके घरों में रुपयों से भरा बैग रखा था। पुलिस ने भी विभिन्न प्लेसमेंट एजेंसियों की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस छानबीन कर रही है कि आतंकवाद, हवाला राशि या गुवाहाटी के बच्चों को लाकर नौकरी दिलाने के झांसे के रैकेट के रुपये तो नहीं थे। इन रुपयों को लाने व ले जाने वाले रैकेट की पूछताछ की जानकारी के लिए पुलिस कार्य कर रही है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल से इस रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है। वहीं, साथियों की तलाश के लिए राज्य की पुलिस ने पश्चिम बंगाल और असम पुलिस से संपर्क किया है।
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पुलिस को आशंका है कि हर बुधवार को गुवाहाटी और सियालदह एक्सप्र्रेस ट्रेन से कुछ लड़कियों व लड़कों को नौकरी दिलाने के नाम परजम्मू लाया जा रहा है। तत्काल टिकट कटाकर इन्हें ट्रेन में बिठाया जाता है। जम्मू से कश्मीर तक इसका जाल फैला है। इन लड़कियों के पहुंचने के बाद उनके लिए पहले से ही स्टेशन पर गाड़ियां खड़ी होती हैं। जो उन्हें अलग अलग घरों में पहुंचाती हैं। रेलवे स्टेशन के अंदर से ही चल रहे इस रैकेट को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है। इन्हें लाने व ले जाने मेें लाखों रुपये की डील होती है। इस रैकेट में अधिकतर बांग्लादेशी और रोहिंग्या शामिल हैं। पकडे़ गए दोनों लोगों ने भी कबूला है दो बांग्लादेशियों ने उनके घरों में रुपयों से भरा बैग रखा था। पुलिस ने भी विभिन्न प्लेसमेंट एजेंसियों की जांच शुरू कर दी है।
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