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फर्जी सर्टिफिकेट लगाने पर XEN को चार साल की कैद
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:46 PM IST
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जेल
- फोटो : Demo Pic.
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प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमए चौधरी ने बिजली विकास विभाग के कार्यकारी इंजीनियर (एक्सईएन) राजेंद्र नाथ रैना को जन्मतिथि की गलत जानकारी देने पर चार साल कैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
कोर्ट के अनुसार क्राइम ब्रांच को बिजली विकास विभाग में 2002 के चीफ इंजीनियर ने पत्र लिखा कि अकाउंटेंट जनरल जम्मू-कश्मीर की आडिट पार्टी ने बताया राजेंद्र नाथ के सर्विस रिकार्ड में जन्मतिथि गलत है। स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन के दसवीं कक्षा के सर्टिफिकेट में जन्मतिथि 26 जुलाई, 1942 है, जबकि सर्विस बुक के रिकार्ड में जन्मतिथि 26 जुलाई, 1944 बताई गई है।
क्राइम ब्रांच ने जांच की और बोर्ड के संयुक्त सचिव ने भी रिपोर्ट दी कि जन्मतिथि 26 जुलाई, 1942 है। प्रशासनिक विभाग को रिपोर्ट भेजी गई। बिजली विभाग के 21 अक्तूबर, 2002 के पत्र में मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। रिटायर्ड हुए एक्सईएन की सही जन्मतिथि की रिपोर्ट तैयार की गई। वर्ष 2004 में क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया।
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जांच के दौैरान पाया गया कि आरोपी ने स्वयं सर्विस रिकार्ड में जन्मतिथि से छेड़छाड़ की है। राजेंद्र नाथ के हस्ताक्षर के सैंपल भी लिए गए। फारेंसिक लैब में इन सैंपलों को भेजा गया। रिपोर्ट में बताया गया कि राजेंद्र नाथ ने ही रिकार्ड से छेड़छाड़ की है।
दो साल अधिक नौकरी और 5,20,774 रुपये का अधिक वेतन हासिल किया। सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। उसे 2000 में रिटायर्ड होना था और वह दो साल के बाद रिटायर्ड हुआ। केस का चालान कोर्ट में पेश किया गया और बुधवार को उसके फैसले के आदेश जारी हुए।
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कोर्ट के अनुसार क्राइम ब्रांच को बिजली विकास विभाग में 2002 के चीफ इंजीनियर ने पत्र लिखा कि अकाउंटेंट जनरल जम्मू-कश्मीर की आडिट पार्टी ने बताया राजेंद्र नाथ के सर्विस रिकार्ड में जन्मतिथि गलत है। स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन के दसवीं कक्षा के सर्टिफिकेट में जन्मतिथि 26 जुलाई, 1942 है, जबकि सर्विस बुक के रिकार्ड में जन्मतिथि 26 जुलाई, 1944 बताई गई है।
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क्राइम ब्रांच ने जांच की और बोर्ड के संयुक्त सचिव ने भी रिपोर्ट दी कि जन्मतिथि 26 जुलाई, 1942 है। प्रशासनिक विभाग को रिपोर्ट भेजी गई। बिजली विभाग के 21 अक्तूबर, 2002 के पत्र में मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। रिटायर्ड हुए एक्सईएन की सही जन्मतिथि की रिपोर्ट तैयार की गई। वर्ष 2004 में क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया।
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जांच के दौैरान पाया गया कि आरोपी ने स्वयं सर्विस रिकार्ड में जन्मतिथि से छेड़छाड़ की है। राजेंद्र नाथ के हस्ताक्षर के सैंपल भी लिए गए। फारेंसिक लैब में इन सैंपलों को भेजा गया। रिपोर्ट में बताया गया कि राजेंद्र नाथ ने ही रिकार्ड से छेड़छाड़ की है।
दो साल अधिक नौकरी और 5,20,774 रुपये का अधिक वेतन हासिल किया। सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। उसे 2000 में रिटायर्ड होना था और वह दो साल के बाद रिटायर्ड हुआ। केस का चालान कोर्ट में पेश किया गया और बुधवार को उसके फैसले के आदेश जारी हुए।