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रियासी में 17 करोड़ रुपये का राशन घोटाला
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 24 May 2016 01:02 AM IST
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घोटाला
- फोटो : Demo Pic.
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क्राइम ब्रांच जम्मू ने रियासी जिले में सीएपीडी विभाग में 17 करोड़ रुपये राशन घोटाले का मामला दर्ज किया है।
मामले के अनुसार माहौर और चसाना में राशन और उसकी ढुलाई के खर्च में हेराफेरी की गई है। तहसील सप्लाई अफसर ने राशन डीलरों और विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हेराफेरी की है।
बगूदास गांव की जरीफा बेगम, कमर दीन, नंबरदार धरम सिंह, पूर्व सरपंच करतार सिंह और शजरू गांव के लोगों ने एसडीपीओ माहौर को शिकायत पेश की। एसडीपीओ ने प्राथमिक जांच की। जांच में पाया कि पिछले पांच साल में 17 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है।
जम्मू कश्मीर बैंक रियासी में तहसील सप्लाई अफसर माहौर ने राशन ढुलाई के लिए सरकारी खाते से रुपये निकाले, जबकि राशन विभिन्न केंद्रों पर पहुंचा नहीं। फर्जी रिकार्ड तैयार किया गया और राशन ढुलाई की रकम तहसील सप्लाई अफसर, राशन डीलर, स्टोर कीपर आदि ने आपस में बांट ली।
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केवल सड़क तक ही राशन ढुलाई के बारे में बताया गया है। इन सभी लोगों की आय से अधिक संपत्ति भी पाई गई। जो हेराफेरी के कारण अर्जित की गई है। सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया गया है। जांच के बाद एसपी रियासी ने केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया।
क्राइम ब्रांच ने केस की छानबीन की और तहसील सप्लाई अफसर, राशन डीलर और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। एसएसपी क्राइम ब्रांच मुब्बसर लतीफी के अनुसार इस मामले में किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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मामले के अनुसार माहौर और चसाना में राशन और उसकी ढुलाई के खर्च में हेराफेरी की गई है। तहसील सप्लाई अफसर ने राशन डीलरों और विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हेराफेरी की है।
बगूदास गांव की जरीफा बेगम, कमर दीन, नंबरदार धरम सिंह, पूर्व सरपंच करतार सिंह और शजरू गांव के लोगों ने एसडीपीओ माहौर को शिकायत पेश की। एसडीपीओ ने प्राथमिक जांच की। जांच में पाया कि पिछले पांच साल में 17 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है।
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जम्मू कश्मीर बैंक रियासी में तहसील सप्लाई अफसर माहौर ने राशन ढुलाई के लिए सरकारी खाते से रुपये निकाले, जबकि राशन विभिन्न केंद्रों पर पहुंचा नहीं। फर्जी रिकार्ड तैयार किया गया और राशन ढुलाई की रकम तहसील सप्लाई अफसर, राशन डीलर, स्टोर कीपर आदि ने आपस में बांट ली।
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केवल सड़क तक ही राशन ढुलाई के बारे में बताया गया है। इन सभी लोगों की आय से अधिक संपत्ति भी पाई गई। जो हेराफेरी के कारण अर्जित की गई है। सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया गया है। जांच के बाद एसपी रियासी ने केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया।
क्राइम ब्रांच ने केस की छानबीन की और तहसील सप्लाई अफसर, राशन डीलर और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। एसएसपी क्राइम ब्रांच मुब्बसर लतीफी के अनुसार इस मामले में किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।