{"_id":"5f6e35f18ebc3e9ba138852a","slug":"crime-jammu-news-jmu21944863","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस का शिकंजा बढ़ता देख बैंक अधिकारियों ने बदले सुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस का शिकंजा बढ़ता देख बैंक अधिकारियों ने बदले सुर
विज्ञापन
उपभोक्ता के मोबाइल पर एक्सिस बैंक की तरफ से भेजा गया एक मैसेज।
जम्मू। बैंक खाते से हुई धोखाधड़ी मामले में पुलिस का शिकंजा बढ़ता देख बैंक अधिकारियों ने अपने सुर बदल दिए हैं। उन्होंने धोखाधड़ी के बारे में पूछताछ के लिए भेजी गई चिट्ठी को यह कहते हुए इनकार कर दिया है कि यह खाता ही उनके यहां का नहीं है। दरअसल बैंक खाते से हुई धोखाधड़ी के मामले में उपभोक्ता की तरफ से कई शिकायत में थोड़ी चूक हो गई है। बैंक अधिकारियों ने उसी चूक को आधार बना दिया है। धोखाधड़ी का मामला करीब छह लाख रुपये का है।
उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई को बाड़ी ब्राह्मण निवासी इरफान अहमद के एक्सिस बैंक के खाते से 5.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। इरफान अहमद ने इसकी शिकायत 31 जुलाई को बाड़ी ब्राह्मणा स्थित बैंक की शाखा में की। यहीं से उनकी शिकायत को बैंक शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने आनलाइन दर्ज की। उनके इसका शिकायत नंबर भी आ गया। इस धोखाधड़ी से पहले इरफान अहमद बाहू प्लाजा स्थित बैंक की शाखा में गए थे और वहां 590 रुपये काटे जाने की शिकायत शाखा प्रबंधक से की, लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई सुनवाई नहीं की। यह जरूर है कि बैंक कर्मचारियों ने उनके मोबाइल नंबर से खाता खोला और शिकायत के लिए खाता शाखा में जाने को कहा।
उपभोक्ता 5.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को शिकायत दर्ज कराने में चूक इतनी हुई है कि बैंक 15 डिजिट के एकाउंट नंबर में वह 13 डिजिट लिख गए। उदाहरण के तौर पर अंतिम के छह डिजिट अगर 002233 हैं तो वह 2233 लिख गए हैं। बाहू प्लाजा बैंक के अधिकारियों ने उपभोक्ता की इसी चूक का आधार मान लिया है और वह इनकार कर रहे हैं यह खाता उनके बैंक (एक्सिस बैंक) का नहीं है। जबकि सच्चाई यह है कि बैंक पैसों के लेनदेन में उपभोक्ता के मोबाइल पर जो मैसेज भेजता है वह अंतिम चार डिजिट के ही नंबर भेजता है। खाते की पूरी जानकारी बैंक उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ले लेता है। यहां तक बैंक में जाकर अगर खाते के बारे में कुछ बताया जाए तो भी मोबाइल नंबर से पूरा खाता बैंक कर्मी खोल लेते हैं, लेकिन धोखाधड़ी के इस मामले में बैंक के अधिकारियों ने उपभोक्ता की चूक आधार बना दिया और पुलिस की चिट्ठी यह कहते हुए लेने से इनकार कर दिया कि यह खाता उनके बैंक का नहीं है।
विज्ञापन
-----
शिकायतकर्ता की तरफ से जो तहरीर दी गई है उसमें यह जरूर है कि दो डिजिट नंबर कम हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह खाता ही गलत हो गया। मामला तकरीबन छह रुपये की धोखाधड़ी का है। खाते की तस्दीक के लिए मोबाइल नंबर, पास बुक, नाम समेत कई ऐसे पहलू हैं जिससे सच्चाई साबित हो जाएगी। फिलहाल जांच की जा रही है, जो भी हो सब कुछ सामने आ जाएगा।
-अर्जुन सिंह चिब, थाना प्रभारी, बाड़ी ब्राह्मणा
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई को बाड़ी ब्राह्मण निवासी इरफान अहमद के एक्सिस बैंक के खाते से 5.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। इरफान अहमद ने इसकी शिकायत 31 जुलाई को बाड़ी ब्राह्मणा स्थित बैंक की शाखा में की। यहीं से उनकी शिकायत को बैंक शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने आनलाइन दर्ज की। उनके इसका शिकायत नंबर भी आ गया। इस धोखाधड़ी से पहले इरफान अहमद बाहू प्लाजा स्थित बैंक की शाखा में गए थे और वहां 590 रुपये काटे जाने की शिकायत शाखा प्रबंधक से की, लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई सुनवाई नहीं की। यह जरूर है कि बैंक कर्मचारियों ने उनके मोबाइल नंबर से खाता खोला और शिकायत के लिए खाता शाखा में जाने को कहा।
विज्ञापन
उपभोक्ता 5.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को शिकायत दर्ज कराने में चूक इतनी हुई है कि बैंक 15 डिजिट के एकाउंट नंबर में वह 13 डिजिट लिख गए। उदाहरण के तौर पर अंतिम के छह डिजिट अगर 002233 हैं तो वह 2233 लिख गए हैं। बाहू प्लाजा बैंक के अधिकारियों ने उपभोक्ता की इसी चूक का आधार मान लिया है और वह इनकार कर रहे हैं यह खाता उनके बैंक (एक्सिस बैंक) का नहीं है। जबकि सच्चाई यह है कि बैंक पैसों के लेनदेन में उपभोक्ता के मोबाइल पर जो मैसेज भेजता है वह अंतिम चार डिजिट के ही नंबर भेजता है। खाते की पूरी जानकारी बैंक उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ले लेता है। यहां तक बैंक में जाकर अगर खाते के बारे में कुछ बताया जाए तो भी मोबाइल नंबर से पूरा खाता बैंक कर्मी खोल लेते हैं, लेकिन धोखाधड़ी के इस मामले में बैंक के अधिकारियों ने उपभोक्ता की चूक आधार बना दिया और पुलिस की चिट्ठी यह कहते हुए लेने से इनकार कर दिया कि यह खाता उनके बैंक का नहीं है।
विज्ञापन
-----
शिकायतकर्ता की तरफ से जो तहरीर दी गई है उसमें यह जरूर है कि दो डिजिट नंबर कम हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह खाता ही गलत हो गया। मामला तकरीबन छह रुपये की धोखाधड़ी का है। खाते की तस्दीक के लिए मोबाइल नंबर, पास बुक, नाम समेत कई ऐसे पहलू हैं जिससे सच्चाई साबित हो जाएगी। फिलहाल जांच की जा रही है, जो भी हो सब कुछ सामने आ जाएगा।
-अर्जुन सिंह चिब, थाना प्रभारी, बाड़ी ब्राह्मणा