जम्मू-कश्मीर: पंचायत चुनाव का बिगुल बजाने को तैयार आयोग, सरकार की हरी झंडी मिली तो दिसंबर में मतदान
जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव कराने के लिए प्रदेश चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां पूरी कर सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है।
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जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव पर आयोग ने अपनी तैयारियों की जानकारी सरकार के साथ साझा की है। आयोग ने एक बार फिर दोहराया है कि सरकार फैसला करे तो दिसंबर की शुरूआत में चुनाव करवाए जा सकते हैं।
लद्दाख में पंचायत चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद प्रदेश चुनाव आयोग भी सक्रिय हो गया है। जिन अधिकारियों को पंजाब और हरियाणा प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था, उन्हें अब प्रदेश में आयोग के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। आयोग अपने कर्मचारियों को नवीनतम तकनीक की जानकारी दे रहा है। साथ ही पुराने साफ्टवेयर को भी अपडेट किया जा रहा है। अगले चरण में आयोग अपने सभी मतदान और मतगणना केंद्रों को सीसीटीवी से जोड़कर उनकी रिपोर्टिंग निगरानी केंद्र में करने की तैयारी में है।
आयोग ने प्रदेश सरकार को सभी कामों की रिपोर्ट भेज दी है। आयोग का दावा है कि प्रदेश सरकार चुनाव पर फैसला करती है तो जम्मू-कश्मीर में मत प्रतिशत बढ़ाने को लेकर अक्तूबर माह तक पंजीकृत हुए सभी मतदाताओं को वोट डालने का अधिकार दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव पर अभी भी गेंद सरकार के पाले में है। सरकार को चुनाव पर फैसला करना है। हालांकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पंचायत चुनाव को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं कि उचित समय आने पर चुनाव होंगे। नियमों के मुताबिक पंचायत चुनाव के लिए प्रदेश सरकार की सहमति आवश्यक है।
- मतगणना केंद्रों को सीसीटीवी से जोड़कर उनकी रिपोर्टिंग निगरानी केंद्र में करने की है तैयारी
- हरियाणा और पंजाब से प्रशिक्षण लेकर लौटे अधिकारी तैयार कर रहे नई टीम
- अक्तूबर माह तक पंजीकृत मतदाताओं को वोट डालने का मौका देने की पैरवी
एक क्लिक पर सीमा से सटे गांवों की गणना
प्रदेश के सुदूर और भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गांवों में मतदान की अपडेट एक क्लिक पर जम्मू-कश्मीर मुख्यालय से दिल्ली और सभी मतदाताओं के मोबाइल पर उपलब्ध होगी। मतदान को लेकर जुटने वाली भीड़, मत प्रतिशत और परिणाम बिना देरी के मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएंगे। पहली बार बिना मतदान केंद्र तक पहुंचे निगरानी और गणना दोनों संभव हो सकेंगी। जम्मू-कश्मीर में पहली मर्तबा पंचायत चुनाव को हाईटेक बनाने की तैयारी की जा रही है और इसमें चुनाव आयोग पड़ोसी राज्यों की मदद ले रहा है।