ईटीटी कालेजों में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, पढ़ें खबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम ब्रांच ने ईटीटी कालेज मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सैकड़ों विद्यार्थियों को बिना कालेज आए सर्टिफिकेट देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई की। कठुआ कैलोप ईटीटी कालेज के प्रमोटर मुनीश सूरी और लखनपुर विवेकानंद इंस्टीट्यूट आफ एजूकेशन एंड रिसर्च ट्रेनिंग के चेयरमैन सुदर्शन गुप्ता दोनों को गिरफ्तार कर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
वर्ष 2013 में 420, 468, 471, 120 बी के तहत इन लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। राज्य शिक्षा बोर्ड के संयुक्त सचिव द्वारा की गई जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान बताया गया कि ईटीटी कालेजों के नाम पर बड़े स्तर पर घोटाले किए गए हैं।
कालेजों में बिना क्लास अटेंड किए, बिना किसी होस्टल सुविधा, बिना किसी पंजीकरण के प्रत्येक विद्यार्थी से 45 हजार से लेकर 80 हजार रुपये तक लिए गए।
1134 छात्रों दिए गए सर्टिफिकेट
कालेजों ने बोर्ड के सहयोग से इस घोटाले को अंजाम दिया। जांच में यह भी बताया कि कई कालेजों को चलाने की अनुमति दी गई, जिन्होंने एक भी औपचारिकता पूरी नहीं की। बोर्ड ने ऐसे कई कालेजों को चलाने की अनुमित दे दी।
किसी भी संस्थान को व्यापक इंस्पेक्शन के बाद जाकर अनुमति दी जाती है, लेकिन बोर्ड की मदद से कालेजों को ऐसे ही अनुमित दे दी गई है। दाखिलों की प्रक्रिया बड़े माफिया की ओर से बोर्ड की मदद से चलाई गई है।
जांच में बताया गया है कि कैलोप कालेज में 651 और विवेकानंद कालेज में 483 विद्यार्थियों को बिना किसी रिकार्ड और क्लास अटेंड किए सर्टिफिकेट दिए गए। क्राइम बांच का मानना है कि कई और कालेजों के भी नाम सामने आ सकते हैं। बहरहाल, पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है।