अच्छी खबरः इस वर्ष दीपावली पर कम फूटे पटाखे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डा. यशपाल की निगरानी में बोर्ड की गठित टीमों ने रिस्पायरेबल डस्ट सैंपलर और साउंड लेवल मीटर के जरिये वायु और ध्वनि प्रदूषण के स्तर की जांच की। डा. यशपाल ने बताया कि इस वर्ष वायु और ध्वनि प्रदूषण का स्तर काफी हद तक घटा है।
उन्होंने कहा कि लोग पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण को लेकर काफी जागरूक हुए हैं। युवा वर्ग खास तौर पर छोटे बच्चे पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण स्तर को घटाने के लिए प्रेरित हुए हैं। जागरूक हुए हैं।
लोगों के बीच बढ़ रही जागरूकता
उन्होंने बताया कि स्कूलों, पर्यावरण संबंधी संगठन और अन्य द्वारा चलाए जाने वाले पर्यावरण जागरूकता कैंप और सेमिनार के कारण बच्चे और अभिभावकों की सोच में बदलाव आया है।
लोगों की जागरूकता के अलावा इस बार आतिशबाजी नहीं करने या कम करने की और भी वजहें सामने आईं हैं। डा. यशपाल के अनुसार बाढ़ और सीमांत क्षेत्र में फायरिंग के कारण प्रभावित लोगों द्वारा त्योहार पहले की तरह नहीं मनाया गया।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड नरवाल के संभागीय डायरेक्टर आईएफएस शौकत अली चौधरी ने बताया कि पर्यावरण विभाग और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से समाचार पत्र और न्यूज चैनलों के माध्यम से जागरूक किया गया था। उन्होंने कहा कि लोग पहले से ज्यादा जागरूक हुए हैं।