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नई परेशानी: विदेशों में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों से मांगा जा रहा कोविशील्ड का प्रमाणपत्र

Wed, 14 Jul 2021 11:34 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 14 Jul 2021 11:34 AM IST
सार

राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. शाहिद हुसैन ने कहा कि एक तय चैनल के माध्यम से सभी लोगों को पंजीकृत होकर वैक्सीन लेनी चाहिए, जिससे उन्हें भविष्य में आधिकारिक तौर पर मिलने वाले प्रमाणपत्र का लाभ मिल सके।

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Covishield's certificate being sought from students of Jammu and Kashmir studying abroad
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

विदेशों में शिक्षा ग्रहण करने वाले जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए कोविड वैक्सीन को लेकर नई परेशानी खड़ी हो गई है। अनलॉक के बाद हालात सामान्य होने पर बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई पूरी करने के लिए लौट रहे हैं, लेकिन ऐसे कई देश छात्रों से कोविशील्ड का प्रमाणपत्र मांग रहे हैं, जबकि ऐसे बड़ी संख्या में छात्रों ने कोवाक्सिन ली है। 

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कई विद्यार्थियों ने इस समस्या को लेकर परिवार कल्याण विभाग से संपर्क किया है। इसमें उनकी समस्या को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के समक्ष रखा गया है, जिसे विभिन्न देशों के दूतावास में भेजा गया है। जम्मू संभाग के जम्मू के अलावा राजोरी में करीब पांच हजार कोवाक्सिन की डोज दी गई। कश्मीर संभाग में श्रीनगर, बारामुला, कुपवाड़ा और अनंतनाग में 18 से अधिक आयु वर्ग में लोगों को कोवाक्सिन दी गई। चूंकि, कश्मीर से बड़ी संख्या में युवा विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं।
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लेकिन उनसे वहां के कोविड प्रोटोकाल के तहत कोविशील्ड वैक्सीन प्रमाणपत्र की मांग की जा रही है, जबकि उनके पास आधिकारिक तौर पर कोवाक्सिन का प्रमाणपत्र है। इसके अलावा कई देश कोविशील्ड के लिए पहला प्रोविजनल और दूसरा फाइनल प्रमाणपत्र भी मांग रहे हैं, लेकिन कई विद्यार्थियों के पास फाइनल प्रमाणपत्र ही है और उन्होंने पहले वाला संभालकर नहीं रखा। प्रदेश में अब तक विभिन्न खेप में कोवाक्सिन की डेढ़ लाख, 13000, 50000 और 55000 डोज आ चुकी है। 
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बिना पंजीकरण वैक्सीन लेने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी

जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने अपने स्तर पर जुगाड़ लगाकर बिना पंजीकृत हुए वैक्सीन की डोज ले ली है। कोविड महामारी को देखते हुए आगामी समय में वैक्सीन का प्रमाणपत्र अहम होने वाला है। इसमें सरकारी और निजी कार्यालयों, संस्थानों आदि जगह पर इसे अनिवार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा कई सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए यह प्रमाणपत्र जरूरी है। लेकिन बिना पंजीकृत हुए वैक्सीन लेने वाले लोगों के पास आधिकारिक तौर पर कोई प्रमाणपत्र नहीं होगा।

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