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Jammu News: कोविड पर सतर्कता बढ़ाई, जीएमसी जम्मू में ऑक्सीजन प्लांट, चिकित्सा प्रबंधन का निरीक्षण
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- 31 बिस्तर वाला आइसोलेशन वार्ड बहाल करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रचंड गर्मी के बीच कोविड वायरस अपना स्वरूप बदलता रहा है। मौजूदा फिलर्ट वेरिएंट लोगों को परेशान कर रहा है। हालांकि यह अधिक गंभीर नहीं रहा है, लेकिन इसके प्रचार के बढ़ते चलने को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई गई है। इस कड़ी में जीएमसी जम्मू में आक्सीजन प्लांट सहित अन्य कोविड प्रबंधनों का निरीक्षण किया गया है। गंभीर मरीजों के आने की सूरत में 31 बिस्तर वाला आइसोलेशन वार्ड को दोबारा बहाल करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि नए वेरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षणों पर तुरंत चिकित्सा लेना भी जरूरी है।
जीएमसी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग के एचओडी डा. संदीप डोगरा ने बताया कि फिलर्ट वेरिएंट में केपी.2, केपी.3, जेएन.1.7, जेएन.1.1 और केपी.1.1 वेरिएंट शामिल हैं। ये सभी ओमिक्राॅन जेएन.1 वेरिएंट से वशंज हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, उत्तराखंड और गोवा से इंडेक्स केस रिपोर्ट किए गए हैं। केपी.2 और जेएएन.1 वेरिएंट से थोड़ा ज्यादा संक्रामक है, लेकिन गंभीर मामलों का कारण नहीं बनता है। नए वेरिएंट से गर्भवती, बच्चे, बुजुर्गों, पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। माइक्रोबायोलाॅंजी विभाग की ओर से नियमित रूप से सार्स-कोविड के परीक्षण किए जा रहे हैं। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि कोविड मामलों की निगरानी की जा रही है, लेकिन किसी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए जरूरी तैयारी की जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रचंड गर्मी के बीच कोविड वायरस अपना स्वरूप बदलता रहा है। मौजूदा फिलर्ट वेरिएंट लोगों को परेशान कर रहा है। हालांकि यह अधिक गंभीर नहीं रहा है, लेकिन इसके प्रचार के बढ़ते चलने को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई गई है। इस कड़ी में जीएमसी जम्मू में आक्सीजन प्लांट सहित अन्य कोविड प्रबंधनों का निरीक्षण किया गया है। गंभीर मरीजों के आने की सूरत में 31 बिस्तर वाला आइसोलेशन वार्ड को दोबारा बहाल करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि नए वेरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षणों पर तुरंत चिकित्सा लेना भी जरूरी है।
जीएमसी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग के एचओडी डा. संदीप डोगरा ने बताया कि फिलर्ट वेरिएंट में केपी.2, केपी.3, जेएन.1.7, जेएन.1.1 और केपी.1.1 वेरिएंट शामिल हैं। ये सभी ओमिक्राॅन जेएन.1 वेरिएंट से वशंज हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, उत्तराखंड और गोवा से इंडेक्स केस रिपोर्ट किए गए हैं। केपी.2 और जेएएन.1 वेरिएंट से थोड़ा ज्यादा संक्रामक है, लेकिन गंभीर मामलों का कारण नहीं बनता है। नए वेरिएंट से गर्भवती, बच्चे, बुजुर्गों, पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। माइक्रोबायोलाॅंजी विभाग की ओर से नियमित रूप से सार्स-कोविड के परीक्षण किए जा रहे हैं। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि कोविड मामलों की निगरानी की जा रही है, लेकिन किसी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए जरूरी तैयारी की जा रही है।
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