सीमांत इलाकों में पाकिस्तानी गोलाबारी के पीड़ितों के लिए कोर्ट गंभीर
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सीमावर्ती क्षेत्रों से पाक फायरिंग से प्रभावित लोगों को राहत के लिए हाईकोर्ट गंभीर हो गया है। हाईकोर्ट ने सात सीमावर्ती जिलों के प्रधान सत्र एवं जिला न्यायाधीश को आदेश दिया कि वह प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए जिला लीगल सर्विस को क्रियान्वित करें।
स्टेट लीगल सर्विस अथारिटी के चेयरमैन मुख्य न्यायाधीश एन पाल वसंथा कुमार के आदेश परकार्यकारी चेयरमैन मोहम्मद याकूब मीर ने जम्मू, सांबा, कठुआ, सांबा, राजोरी, पुंछ, कुपवाड़ा और बारामुला के जिला लीगल सर्र्विस अथारिटी के चेयरमैन को आदेेश दिया कि वह प्रभावित लोगों से मुलाकात करें।
आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत उन्हें कानूनी सेवाएं प्रदान की जाएं। रिलीफ कैंप और मुआवजे का निरीक्षण करें। कानूनी तौर पर हेल्प करके उन्हें राहत मुहैया कराना सुनिश्चित करें। रिलीफ कैंप अधिक खोले जाएं और लोगों को राहत राशि और सामग्री सही तरीके से मिल रही है इसकी भी समीक्षा करें।
हाइकोर्ट ने नुकसान की समीक्षा करने के आदेश दिए
हाइकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि गोलाबारी से प्रभावित लोगों की जान-माल और मवेशी के नुकसान की समीक्षा करें। प्रशासन से इस नुकसान की भरपाई का तुरंत हल करके राशि का वितरण करने के आदेश दिए जाएं। कानूनी सलाह के लिए तहसील स्तर पर लीगल एड कैंप की स्थापना की जाए।
सभी जिला स्तर की लीगल कमेटियां अपनी रिपोर्ट चेयरमैन के समक्ष पेश करें और प्रशासन पर रिलीफ मुहैया कराने का दवाब बनाए। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से आईबी और एलओसी पर हो रही गोलाबारी के कारण सीमांत क्षेत्र के लोगों को अपने घरों से दूर राहत कैंपों मे रहकर जीवन यापन करना पड़ रहा है।