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Jammu News: मीरवाइज की याचिका पर जवाब देने के लिए प्रदेश सरकार को अंतिम अवसर
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- हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश, अगली सुनवाई तीन मार्च को होगी
- मीरवाइज ने अपनी मूवमेंट पर प्रतिबंध लगाने पर दायर की है याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को मीरवाइज की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया है। हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक ने घर पर नजरबंदी और मूवमेंट पर प्रतिबंध के खिलाफ याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई छह मार्च को होगी। न्यायमूर्ति वसीम सादिक नरवाल ने याचिका पर सरकार को जवाब देने के लिए अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा, यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि जवाब दाखिल नहीं किया गया तो मामले की अगली सुनवाई पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। इससे पहले 2 फरवरी को कोर्ट ने प्रशासन से 19 फरवरी या इससे पहले सकारात्मक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
इसी बीच मीरवाइज ने कहा कि अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने शुक्रवार और अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक दिनों पर उन पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारणों को जानने के लिए जिला अधिकारियों से संपर्क किया था। सितंबर 2023 में चार साल तक नजरबंदी से मेरी रिहाई के बाद मुझे केवल जामिया मस्जिद में लगातार तीन शुक्रवार सभाओं में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। तब से मुझे शुक्रवार को जामिया मस्जिद जाने या किसी अन्य मस्जिद में अपने विचार रखने से रोका गया है। उन्होंने कहा कि जामिया मस्जिद की प्रबंध संस्था अंजुमन द्वारा प्रतिबंधों के कारणों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी टाल-मटोल की रणनीति अपनाते हैं। मीरवाइज ने कहा, हाल ही में शब-ए-मिराज के महत्वपूर्ण अवसर के बावजूद मुझे जामिया मस्जिद में जाने की अनुमति नहीं दी गई।
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- मीरवाइज ने अपनी मूवमेंट पर प्रतिबंध लगाने पर दायर की है याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को मीरवाइज की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया है। हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक ने घर पर नजरबंदी और मूवमेंट पर प्रतिबंध के खिलाफ याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई छह मार्च को होगी। न्यायमूर्ति वसीम सादिक नरवाल ने याचिका पर सरकार को जवाब देने के लिए अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा, यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि जवाब दाखिल नहीं किया गया तो मामले की अगली सुनवाई पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। इससे पहले 2 फरवरी को कोर्ट ने प्रशासन से 19 फरवरी या इससे पहले सकारात्मक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
इसी बीच मीरवाइज ने कहा कि अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने शुक्रवार और अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक दिनों पर उन पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारणों को जानने के लिए जिला अधिकारियों से संपर्क किया था। सितंबर 2023 में चार साल तक नजरबंदी से मेरी रिहाई के बाद मुझे केवल जामिया मस्जिद में लगातार तीन शुक्रवार सभाओं में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। तब से मुझे शुक्रवार को जामिया मस्जिद जाने या किसी अन्य मस्जिद में अपने विचार रखने से रोका गया है। उन्होंने कहा कि जामिया मस्जिद की प्रबंध संस्था अंजुमन द्वारा प्रतिबंधों के कारणों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी टाल-मटोल की रणनीति अपनाते हैं। मीरवाइज ने कहा, हाल ही में शब-ए-मिराज के महत्वपूर्ण अवसर के बावजूद मुझे जामिया मस्जिद में जाने की अनुमति नहीं दी गई।

कपूरी गांव निवासी बंटी कुमार

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