{"_id":"68853b2193f8e0b21f05977f","slug":"court-news-jammu-news-c-10-lko1027-670536-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: बिलकिस मीर रिश्वत लेने के आरोप से बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: बिलकिस मीर रिश्वत लेने के आरोप से बरी
विज्ञापन
- हाईकोर्ट की एसीबी को फटकार, कहा- प्रतिभाशाली लोगों को परेशान किया जा रहा
-पेरिस ओलंपिक में कयाकिंग और कैनोइंग के लिए भारत से चुनी गईं एकमात्र महिला जज रहीं वह
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। वर्ष 2024 पेरिस ओलंपिक में कयाकिंग और कैनोइंग खेल के लिए भारत से चुनी गईं एकमात्र महिला जज बिलकिस मीर कानूनी लड़ाई जीत गईं। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख हाईकोर्ट ने उन्हें रिश्वत लेने के मामले से बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को फटकार लगाते हुए यह भी टिप्पणी की कि प्रभावशाली लोग प्रतिभाशाली लोगों को परेशान कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। इस एफआईआर में दावा किया गया था कि शारीरिक शिक्षा अध्यापक के रूप में नियुक्त बिलकिस ने अपनी परिवीक्षा अवधि के दौरान शारीरिक शिक्षा में स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं की। इसके आधार पर एसीबी ने 2023 में जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें उन पर आधिकारिक कार्य के लिए कानूनी पारिश्रमिक से परे रिश्वत लेने और एक आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था।
हाईकोर्ट ने कहा कि बिलकिस के तकनीकी योग्यता हासिल न करने को अपराध ठहराने का एसीबी का रवैया भी खेल नायकों के साथ हमारे व्यवहार को दर्शाता है। कोर्ट ने कहा कि निहित स्वार्थों के लिए याचिकाकर्ता के खिलाफ शुरू की गई एक भेदभावपूर्ण कार्रवाई के अलावा यह कुछ भी नहीं।
विज्ञापन
-
बिलकिस का कॅरिअर
खेल में बिलकिस का 28 साल का शानदार कॅरिअर है। उन्होंने आठ साल की उम्र में खेलना शुरू किया। उन्होंने हंगरी में 2009 में कैनोइंग और कयाकिंग विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसमें वह आठवें स्थान पर रहीं। वह एशियाई खेलों (चीन) में जज के रूप में नियुक्त होने वाली पहली भारतीय महिला थीं। वह लंदन ओलंपिक 2012 में कयाकिंग और कैनोइंग में महिला टीम की राष्ट्रीय कोच भी रहीं। बिलकिस को बुडापेस्ट के सेमेल्विस यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ कोचिंग एंड स्पोर्ट से अंतरराष्ट्रीय कोचिंग डिप्लोमा प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव भी प्राप्त है।
-- -- -- -
उस पल को याद कर सिहर उठती हूं
रिश्वत लेने के आरोपों से बरी होने होने के बाद बिलकिस मीर ने कहा कि आज भी तीन साल पहले के उस पल को याद करके सिहर उठती हूं। एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब उन्हें अखबारों से पता चला कि एसीबी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरी गलती क्या था। मेरे सपने चकनाचूर हो गए। मीर ने कहा, जब मैंने कयाकिंग करने का फैसला किया, तो मेरे पास अभ्यास के लिए पैडल खरीदने के पैसे नहीं थे। मैंने उस समय भारत की जर्सी पहनी थी जब आतंकवाद चरम पर था। मुझे किसी भी चीज ने नहीं रोका, लेकिन यह एक ऐसा झटका था जिसे मैं झेलने के लिए तैयार नहीं थी और मैंने चुनौती देने का फैसला किया।
विज्ञापन
-पेरिस ओलंपिक में कयाकिंग और कैनोइंग के लिए भारत से चुनी गईं एकमात्र महिला जज रहीं वह
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। वर्ष 2024 पेरिस ओलंपिक में कयाकिंग और कैनोइंग खेल के लिए भारत से चुनी गईं एकमात्र महिला जज बिलकिस मीर कानूनी लड़ाई जीत गईं। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख हाईकोर्ट ने उन्हें रिश्वत लेने के मामले से बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को फटकार लगाते हुए यह भी टिप्पणी की कि प्रभावशाली लोग प्रतिभाशाली लोगों को परेशान कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। इस एफआईआर में दावा किया गया था कि शारीरिक शिक्षा अध्यापक के रूप में नियुक्त बिलकिस ने अपनी परिवीक्षा अवधि के दौरान शारीरिक शिक्षा में स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं की। इसके आधार पर एसीबी ने 2023 में जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें उन पर आधिकारिक कार्य के लिए कानूनी पारिश्रमिक से परे रिश्वत लेने और एक आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि बिलकिस के तकनीकी योग्यता हासिल न करने को अपराध ठहराने का एसीबी का रवैया भी खेल नायकों के साथ हमारे व्यवहार को दर्शाता है। कोर्ट ने कहा कि निहित स्वार्थों के लिए याचिकाकर्ता के खिलाफ शुरू की गई एक भेदभावपूर्ण कार्रवाई के अलावा यह कुछ भी नहीं।
विज्ञापन
-
बिलकिस का कॅरिअर
खेल में बिलकिस का 28 साल का शानदार कॅरिअर है। उन्होंने आठ साल की उम्र में खेलना शुरू किया। उन्होंने हंगरी में 2009 में कैनोइंग और कयाकिंग विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसमें वह आठवें स्थान पर रहीं। वह एशियाई खेलों (चीन) में जज के रूप में नियुक्त होने वाली पहली भारतीय महिला थीं। वह लंदन ओलंपिक 2012 में कयाकिंग और कैनोइंग में महिला टीम की राष्ट्रीय कोच भी रहीं। बिलकिस को बुडापेस्ट के सेमेल्विस यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ कोचिंग एंड स्पोर्ट से अंतरराष्ट्रीय कोचिंग डिप्लोमा प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव भी प्राप्त है।
उस पल को याद कर सिहर उठती हूं
रिश्वत लेने के आरोपों से बरी होने होने के बाद बिलकिस मीर ने कहा कि आज भी तीन साल पहले के उस पल को याद करके सिहर उठती हूं। एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब उन्हें अखबारों से पता चला कि एसीबी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरी गलती क्या था। मेरे सपने चकनाचूर हो गए। मीर ने कहा, जब मैंने कयाकिंग करने का फैसला किया, तो मेरे पास अभ्यास के लिए पैडल खरीदने के पैसे नहीं थे। मैंने उस समय भारत की जर्सी पहनी थी जब आतंकवाद चरम पर था। मुझे किसी भी चीज ने नहीं रोका, लेकिन यह एक ऐसा झटका था जिसे मैं झेलने के लिए तैयार नहीं थी और मैंने चुनौती देने का फैसला किया।