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Jammu News: किश्तवाड़ में आईआरपी बटालियन और उधमपुर में एसीबी की इमारत के निर्माण का रास्ता साफ
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-हाई कोर्ट ने पुलिस की परियोजना पर लगी रोक हटाई, अंतरिम आदेश में किया संशोधन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश को संशोधित करते हुए पुलिस की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर लगी रोक हटा दी। इस आदेश के बाद किश्तवाड़ में आईआरपी बटालियन और उधमपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो की इमारत बनाने के लिए जरूरत पड़ने पर नए सिरे से टेंडर जारी किए जा सकेंगे। अन्यथा पुरानी टेंडर प्रक्रिया के आधार पर ही काम को आगे बढ़ाया जाएगा। इन परियोजनाओं पर पिछले साल मार्च में रोक लगा दी गई थी।
न्यायाधीश वसीम सदीक नरगल ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा, अदालत का मानना है कि परियोजना को बंद करना किसी के हित में नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक हित के विपरीत है। खासकर तब जब मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो। वरिष्ठ सरकारी वकील मोनिका कोहली की तरफ से पुराने आदेश को रद्द करने की मांग संबंधी याचिका दायर की गई थी। दोनों पक्षों की ओर से पेश वकीलों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि उन्हें सरकारी वकील मोनिका कोहली की दलीलों में दम नजर आया और अंतरिम निर्देश को जारी रखना किसी के हित में नहीं है। इससे पार्टियों के लिए कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। जेएनएफ
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश को संशोधित करते हुए पुलिस की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर लगी रोक हटा दी। इस आदेश के बाद किश्तवाड़ में आईआरपी बटालियन और उधमपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो की इमारत बनाने के लिए जरूरत पड़ने पर नए सिरे से टेंडर जारी किए जा सकेंगे। अन्यथा पुरानी टेंडर प्रक्रिया के आधार पर ही काम को आगे बढ़ाया जाएगा। इन परियोजनाओं पर पिछले साल मार्च में रोक लगा दी गई थी।
न्यायाधीश वसीम सदीक नरगल ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा, अदालत का मानना है कि परियोजना को बंद करना किसी के हित में नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक हित के विपरीत है। खासकर तब जब मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो। वरिष्ठ सरकारी वकील मोनिका कोहली की तरफ से पुराने आदेश को रद्द करने की मांग संबंधी याचिका दायर की गई थी। दोनों पक्षों की ओर से पेश वकीलों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि उन्हें सरकारी वकील मोनिका कोहली की दलीलों में दम नजर आया और अंतरिम निर्देश को जारी रखना किसी के हित में नहीं है। इससे पार्टियों के लिए कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। जेएनएफ
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