Coronavirus J&K: यात्रा इतिहास छिपाने से कश्मीर में बिगड़ रहे हालात, प्रशासन की अपील- मत करें ये गलती
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कश्मीर घाटी में अबतक कोरोना वायरस से संक्रमित 29 मामले सामने आए हैं। इनमें से दो की मौत भी हुई है। वहीं अधिकारियों के अनुसार पॉजिटिव मिले इन मामलों में अधिकतर ऐसे हैं, जो पहले से संक्रमित मरीज के संपर्क में आए थे। इस बीच प्रशासन बार-बार लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं छिपाने की अपील कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यात्रा इतिहास छिपाने के कारण ही अचानक से इतने मामले सामने आए हैं।
घाटी का पहला मामला श्रीनगर के खानयार इलाके में आया था, जहां 67 वर्षीय महिला सऊदी अरब से उमराह कर लौटी थी। 18 मार्च को वह पॉजिटिव पाई गई थी। उसके बारे में बताया गया था कि वह 16 मार्च को श्रीनगर पहुंची थी।
लेकिन सवाल खड़ा होता है कि अगर वो पॉजिटिव पाई गई तो क्या जिस दिन उसकी एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग हुई, तब उसमें कोविड 19 के कोई लक्षण नहीं पाए गए। वहीं इसके बाद से कश्मीर में पॉजिटिव मामलों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसके बाद एक अन्य मामला भी पॉजिटिव पाया गया, जो बताया जा रहा है कि इस महिला के साथ ही जहाज में ट्रैवल कर चुका था।
इस बीच 25 मार्च को चार लोग पॉजिटिव पाए गए, जो एक धार्मिक मंडली के साथ विदेश की यात्रा कर लौटे थे, जिनमें एक 65 वर्षीय बुजुर्ग भी था। वह उत्तरी कश्मीर के सोपोर का निवासी था और हैदरपोरा में रह रहा था। बाद में उसकी मौत हो गई।
इस बीच कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर द्वारा मौत को लेकर जांच भी बैठाई गई थी। शुरुआती जांच में पाया गया कि बुजुर्ग 21 मार्च को स्किम्स बेमिना इलाज के लिए गया था। मरीज की ओपीडी टिकट के अनुसार उसे आठ मार्च से ही तेज बुखार, छाती में दर्द के साथ सूखी खांसी के लक्षण थे, जिसकी ट्रैवल हिस्ट्री यूपी, दिल्ली, श्रीनगर, जम्मू और अंडमान निकोबार की थी। इस सबके बावजूद उसे जाने दिया गया, जो बाद में पॉजिटिव पाया गया।
जिला उपायुक्त डॉ. शहीद इकबाल चौधरी ने कहा कि अभी तक अधिकतर मामले जो पॉजिटिव पाए गए हैं, वो पहले संक्रमित पाए गए मरीजों के करीबी हैं। कई की तो प्रदेश से बाहर की ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं है, जो बड़ी चिंताजनक बात है।
ऐसे कई लोग खतरा बने हुए हैं
ऐसे कई लोग बड़ा खतरा बने हुए हैं, जो विदेश से लौटने के बाद भी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं बता रहे हैं। उनसे बार-बार प्रशासन द्वारा अपील की जा रही है। यहां तक कि श्रीनगर जिला प्रशासन ने अपनी और अपने पड़ोस की जानकारी देने के लिए ‘तलाश’ नाम से एप और वेबसाइट भी शुरू की है। यह भी कहा जा रहा है कि ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
11 पारिवारिक सदस्यों के टेस्ट नेगेटिव
श्रीनगर के हैदरपोरा के 65 वर्षीय बुजुर्ग जो कोरोना वायरस के पहले संक्रमित शख्स थे, उनके परिवार के कई लोगों को एकांतवास में रखा गया था। उन सभी के सैंपल भी लिए गए थे, जिनमें से 11 लोगों के सैंपल नेगेटिव आए हैं। उनमें मृतक की बेटी, बेटा, बहू, दो नौकर और एक डॉक्टर जो रिश्तेदार भी हैं, शामिल हैं।