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क्षेत्र के किसान पड़े असमंजस में
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रामगढ़। रामगढ़ क्षेत्र के किसानों को अब चिंता सता रही है कि वह अपने खेतों में धान की फसल के लिए पनीरी का बीज बोएं या नहीं। इसको लेकर क्षेत्र के किसान असमंजस में हैं।
सीमावर्ती गांव अवताल के पूर्व सरपंच तेजिंदर सिंह ने कहा है कि उन्हें अभी समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। दो साल पहले धान की फसल बेमौसम बारिश से खराब हुई। उसके बाद गेहूं की फसल भी खराब हुई। और, अब वक्त आया है पनीरी बीजने का। किसानों को चिंता सताने लगी है कि अगर कोरोना कर्फ्यू आगे बढ़ता रहा तो जो बाहरी राज्य से धान लगाने के लिए मजदूर आते हैं, वे नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए क्षेत्र के किसानों को चिंता सता रही है।
चक नाजर पंचायत के टिंकू चौधरी, विजय चौधरी, भगवान चौधरी, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश चौधरी और पंच बिल्लू चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के किसानों की बेमौसम बारिश से कमर टूट गई थी। किसानों को लगातार दोहरी मार पड़ी थी जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है। हम सरकार से मांग करते हैं कि हमारे क्षेत्र में लगे मोटर पंप और किसान क्रेडिट कार्ड योजना माफ की जाएं। ताकि क्षेत्र के किसान फिर से पटरी पर लौट सकें। इस समय धान की फसल की तैयारियां चल रही होती हैं लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते किसान असमंजस में हैं।
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सीमावर्ती गांव अवताल के पूर्व सरपंच तेजिंदर सिंह ने कहा है कि उन्हें अभी समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। दो साल पहले धान की फसल बेमौसम बारिश से खराब हुई। उसके बाद गेहूं की फसल भी खराब हुई। और, अब वक्त आया है पनीरी बीजने का। किसानों को चिंता सताने लगी है कि अगर कोरोना कर्फ्यू आगे बढ़ता रहा तो जो बाहरी राज्य से धान लगाने के लिए मजदूर आते हैं, वे नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए क्षेत्र के किसानों को चिंता सता रही है।
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चक नाजर पंचायत के टिंकू चौधरी, विजय चौधरी, भगवान चौधरी, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश चौधरी और पंच बिल्लू चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के किसानों की बेमौसम बारिश से कमर टूट गई थी। किसानों को लगातार दोहरी मार पड़ी थी जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है। हम सरकार से मांग करते हैं कि हमारे क्षेत्र में लगे मोटर पंप और किसान क्रेडिट कार्ड योजना माफ की जाएं। ताकि क्षेत्र के किसान फिर से पटरी पर लौट सकें। इस समय धान की फसल की तैयारियां चल रही होती हैं लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते किसान असमंजस में हैं।
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