लोगों की सेहत के साथ किया जा रहा खिलवाड़
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नगर निगम के हेल्थ विंग की ओर से पिछले डेढ़ वर्ष से खाद्य पदार्थों के सैंपल नहीं उठाए गए हैं, जिस कारण दुकानदारों के हौसले बुलंद हो गए हैं। वे लोगों को खाद्य पदार्थों में क्या खिला रहे हैं क्या नहीं है, इसका कुछ पता नहीं है।
नगर निगम के चार फूड सेफ्टी अफसर हैं, जिन्हें अन्य कार्यों में लगाया गया है, दो हेल्थ सेक्शन में है, तीसरे को इलेक्शन सेल में और चौथे को शिकायत निवारण सेल में तैनात किया गया है।
डी-नोटिफाई करने से पहले हेल्थ सेक्शन की ओर से प्रत्येक माह बाजार में से तीन दर्जन से ज्यादा सैंपल उठाए जाते थे, लेकिन अभी ऐसा नहीं है। फूड इंस्पेक्टर अपने हुनर से हटकर अन्य सेक्शनों में अपनी सेवा दे रहे हैं, जिनका कोई महत्व नहीं है।
हर माह तीन दर्जन से ज्यादा उठाए जाते थे सैंपल
नतीजतन पिछले दिनों में जितने भी त्योहार बीते, उनमें दुकानदारों ने लोगों को क्या खिलाया, क्या पिलाया, कुछ अतापता नहीं है। भले ही सैंपल उठाने के बाद रिपोर्ट आने में वक्त लगता था, लेकिन सैंपल उठाने के डर से दुकानदारों में इसका प्रभाव तो होता ही था।
हेल्थ सेक्शन गंग्याल में क्विंटलों में खोया, सिटी में मिलावटी दूध और अन्य चीजें नष्ट कर चुका है, लेकिन अभी असमंजस बना हुआ है। दुकानदारों को कोई पूछने वाला है।
हेल्थ अफसर डा. मोहम्मद सलीम के मुताबिक उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही उन्होंने बाजार से सैंपल उठाने बंद किए हैं, हां बीच में पावर मिलने पर उन्होंने कुछ सैंपल उठाए थे।