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जियो पोता घाट पर मंदिर विस्तार फिर अड़चन
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जियो पोता घाट पर मंदिर के विकास के लिए बनाया गया पिलर।
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अखनूर। कस्बे के चिनाब दरिया की जियो पोता घाट पर शिव मंदिर के विस्तार पर एक बार फिर से अड़चन उत्पन्न हो गई है। निर्माण कार्य पर बने विवाद के बीच दो पक्षों में सहमति बन गई थी। उसके बाद काम भी शुरू हो गया था। अब धर्मार्थ ट्रस्ट जम्मू ने दुर्गा मंदिर सहित घाट पर दावा ठोंक कर काम रुकवा दिया है।
कस्बे के चिनाब दरिया के जियो पोता घाट पर महाराजा गुलाब सिंह के राजतिलक स्थान के पास शिव मंदिर के विस्तार के लिए निर्माण कार्य शुरू करने पर कई संगठनों ने विरोध किया। प्रशासन और विरोध करने वाले संगठन के सदस्यों की सहमति पर मंदिर विस्तार निर्माण शुरू हो गया। मगर दूसरे दिन ही धर्मार्थ ट्रस्ट के सदस्यों ने काम रुकवा कर कार्यालय लिख करके चिह्नित कर दिया। जियो घाट की दस कनाल पर दावा ठोंक दिया। प्रशासन और राजस्व विभाग को सूचित भी किया है। मंदिर विस्तार के निर्माण के लिए एक नया विवाद शुरू हो गया।
सनद रहे कि चार दिन पहले एसडीएम गोपाल सिंह ने मंदिर विस्तार निर्माण के लिए पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ भूमि पूजन करके मंदिर निर्माण कार्य शुरू कराया था। धर्मार्थ ट्रस्ट के अंडर सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह ने मंदिर निर्माण का विरोध करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य की स्थापना इस स्थान से हुई है। इस ऐतिहासिक जगह के आसपास किसी प्रकार का निर्माण नहीं होना चाहिए। राज्य के प्रथम महाराजा गुलाब सिंह के राजतिलक के लिए दस कनाल भूमि आवंटित है, मगर इसे मंदिर की भूमि बताया जा रहा है। यह कैसे हो गई और गिदवारी किन अधिकारियों ने की। राजस्व कमिश्नर और क्राइम ब्रांच को लिखित शिकायत की है। उन्होंने बताया कि धर्मार्थ ट्रस्ट का मालिकाना हक दस कनाल भूमि पर है। इसमें दुर्गा मंदिर भी आता है। उन्होंने बताया कि सर्दी तक इस स्थल की पहचान रहेगी। प्रशासन को चाहिए कि इस स्थल के आसपास किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया पूरे तथ्यों के बाद सही सच्चाई सामने आएगी।
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कस्बे के चिनाब दरिया के जियो पोता घाट पर महाराजा गुलाब सिंह के राजतिलक स्थान के पास शिव मंदिर के विस्तार के लिए निर्माण कार्य शुरू करने पर कई संगठनों ने विरोध किया। प्रशासन और विरोध करने वाले संगठन के सदस्यों की सहमति पर मंदिर विस्तार निर्माण शुरू हो गया। मगर दूसरे दिन ही धर्मार्थ ट्रस्ट के सदस्यों ने काम रुकवा कर कार्यालय लिख करके चिह्नित कर दिया। जियो घाट की दस कनाल पर दावा ठोंक दिया। प्रशासन और राजस्व विभाग को सूचित भी किया है। मंदिर विस्तार के निर्माण के लिए एक नया विवाद शुरू हो गया।
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सनद रहे कि चार दिन पहले एसडीएम गोपाल सिंह ने मंदिर विस्तार निर्माण के लिए पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ भूमि पूजन करके मंदिर निर्माण कार्य शुरू कराया था। धर्मार्थ ट्रस्ट के अंडर सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह ने मंदिर निर्माण का विरोध करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य की स्थापना इस स्थान से हुई है। इस ऐतिहासिक जगह के आसपास किसी प्रकार का निर्माण नहीं होना चाहिए। राज्य के प्रथम महाराजा गुलाब सिंह के राजतिलक के लिए दस कनाल भूमि आवंटित है, मगर इसे मंदिर की भूमि बताया जा रहा है। यह कैसे हो गई और गिदवारी किन अधिकारियों ने की। राजस्व कमिश्नर और क्राइम ब्रांच को लिखित शिकायत की है। उन्होंने बताया कि धर्मार्थ ट्रस्ट का मालिकाना हक दस कनाल भूमि पर है। इसमें दुर्गा मंदिर भी आता है। उन्होंने बताया कि सर्दी तक इस स्थल की पहचान रहेगी। प्रशासन को चाहिए कि इस स्थल के आसपास किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया पूरे तथ्यों के बाद सही सच्चाई सामने आएगी।
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