J&K: संवैधानिक व्यवस्थाओं ने सरकार गठन का बढ़ाया दबाव
- महबूबा की दिल्ली में भाजपा नेताओं से नहीं हो सकी मुलाकात
- संसद सत्र की समाप्ति पर पीडीपी प्रमुख की हो सकती है मुलाकात
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पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के मंगलवार को दिल्ली जाने से सियासी गलियारे में सरकार गठन की सुगबुगाहट तेज हो गई। हालांकि, मंगलवार और बुधवार दोनों ही दिन उनकी भाजपा नेताओं से मुलाकात नहीं हो पाई।
माना जा रहा है कि संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत नौ अप्रैल तक सरकार गठन न होने पर विधानसभा भंग होने की नौबत संबंधी कानूनविदों की राय से भाजपा और पीडीपी दोनों पर ही दबाव बढ़ा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि रियासत में सरकार का गठन जल्द हो सकता है। पार्टी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए भी तैयार है। उसने अपनी गतिविधियां हर क्षेत्र में तेज कर दी हैं।
सूत्रों का कहना है कि संसद सत्र की समाप्ति के साथ ही महबूबा की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात हो सकती है। इस मुलाकात में सरकार गठन का ताना-बाना बुना जा सकता है।
बातचीत का सिलसिला पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच ही जारी है
भाजपा सूत्रों का कहना है कि बातचीत का सिलसिला पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच ही जारी है। सब कुछ सकारात्मक है। बस इसे अंतिम रूप दिया जाना है। इस बीच पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा विधायक दल के नेता डा. निर्मल सिंह मंगलवार को दिल्ली से लौट आए हैं।
रियासत में सड़क तथा अन्य परियोजनाओं के सिलसिले में उनकी मुलाकात केंद्रीय नेताओं से हुई थी, लेकिन चर्चा यह भी है कि उन्होंने पार्टी को रियासत के ताजा राजनीतिक हालात की जानकारी दी है। उधर, भाजपा का मानना है कि अभी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और पीडीपी में अनौपचारिक वार्ता का दौर ही जारी है।
पीडीपी के विधायक दल के नेता का चयन होने के बाद ही सरकार गठन की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। दोनों पार्टियों के नेताओं का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनाव भी करीब आता जा रहा है। ऐसे में दोनों पार्टियों को जल्द फैसला लेना होगा।