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Exclusive: अलगाववादियों ने रची कश्मीर में तनाव बढ़ाकर अमरनाथ यात्रा में खलल की साजिश

Mon, 03 Jul 2017 06:36 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, जम्मू Updated Mon, 03 Jul 2017 06:36 PM IST
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conspiracy of terror attacks in Amarnath yatra
कश्मीर के अलगाववादी नेता - फोटो : File Photo

अलगाववादियों ने कश्मीर में तनाव बढ़ाकर अमरनाथ यात्रा में खलल की साजिश रची है। इस षड्यंत्र में हिजबुल मुजाहिदीन भी शामिल है। उधर टाप कमांडर बशीर लश्करी की मौत के बाद लश्कर और हिजबुल के आतंकियों के बीच तनातनी बढ़ी है।

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हिजबुल से अलग होकर अल कायदा से जुड़े आतंकी जाकिर मूसा का गुट भी लश्कर को चुनौती दे रहा है। इससे आतंकी गुटों में वर्चस्व की जंग तेज होने के आसार हैं। सुरक्षा बल इस स्थिति को भी अमरनाथ यात्रा के लिए चुनौती मान रहे हैं। 
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सुरक्षा बलों से जुड़ी एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर अलगाववादी और हिजबुल ने बंद और हड़ताल का आयोजन कर तनाव फैलाने की साजिश बुनी है। साजिश के तहत लश्कर कमांडर बशीर की मौत के बाद बंद का आयोजन किया गया।

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मुठभेड़ में आतंकियों की मौत के बाद हड़ताल की योजना

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File Photo

बशीर के जनाजे पर उमड़ी भीड़ से अलगाववादियों के हौसले बुलंद हुए हैं। अब हर मुठभेड़ में आतंकी की मौत के बाद बंद और हड़ताल की योजना बनाई गई है। इस क्रम में हिंसक विरोध प्रदर्शन की भी आशंका है।

हिजबुल कमांडर सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने के बाद से हिज्ब के आतंकी किसी बड़े हमले को अंजाम देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सलाहुद्दीन ने यूनाइटेड जिहाद काउंसिल की ओर से बुरहान वानी की बरसी पर 8 जुलाई से 13 जुलाई तक घाटी में बंद और हड़ताल का एलान किया है। इस आयोजन को अलगाववादियों के संयुक्त मोर्चा का समर्थन हासिल है। 

लश्कर और हिजबुल के निशाने पर जाकिर मूसा 

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File Photo

सुरक्षा एजेंसियों ने हिजबुल आतंकियों की अलगाववादियों से हुई बातचीत को भी रिकार्ड किया है। एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि 8 जुलाई से 13 जुलाई के बीच अमरनाथ यात्रियों के जत्थे पर पत्थरबाजी कर सुरक्षा बलों को उकसाया जा सकता है, ताकि जवाबी कार्रवाई के बाद माहौल बिगाड़ा जा सके। हिजबुल इस कार्रवाई से पूरे देश में तनाव फैलाना चाहता है।

इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। अलगाववादियों के सभी बड़े नेताओं को 8 जुलाई से पहले गिरफ्तार किया जा सकता है। आतंकी सब्जार भट्ट की मौत के बाद के बाद भारी उपद्रव की साजिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया था। एजेंसियां समय से पहले कार्रवाई कर हालात पर नियंत्रण की रणनीति पर अमल कर रही हैं। 

लश्कर और हिजबुल के निशाने पर जाकिर मूसा 
कश्मीर में पिछले चार महीने में 50 आतंकी मारे गए हैं। इनमें से अधिकांश लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल से जुड़े थे। सूत्रों के मुताबिक लश्कर और हिजबुल को आशंका है कि आतंकियों के बारे में जाकिर मूसा गुट ही सेना और सुरक्षा बलों को सूचनाएं दे रहा है। मूसा ने कश्मीर की आजादी की जंग को खारिज कर इस्लाम के लिए जंग का एलान किया है। साथ ही सियासत के लिए अलगाववादियों को भी सबक सिखाने की चेतावनी दी है। इस टकराव का भी अमरनाथ यात्रा पर असर पड़ सकता है। 

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