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संपत्ति कर के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
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जम्मू। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विवेकानंद चौक पर जम्मू-कश्मीर में संपत्ति कर लगाने के फैसले का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस फैसले को तुरंत वापस लेकरकर आतंकवाद को खत्म करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि कोरोना और दूसरी परिस्थितियों के कारण पहले से ही प्रदेश के लोग आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं, उस पर आए दिन नए कर से आर्थिक बोझ बढ़ा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई सरकार विरोधी बैनर पकड़ रखे थे।
पूर्व मंत्री रमण भल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन होने के बाद यहां कोई बड़ी आर्थिक गतिविधि नहीं देखी गई है। संपत्ति टैक्स के फैसले से लोग परेशान हैं। इस नाजुक माहौल में सरकार राहत देने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मूलाराम ने कहा कि संपत्ति कर लोगों पर अन्याय है। जम्मू-कश्मीर पहले ही बेरोजगारी की मार झेल रहा है, उस पर ऐसे कर आर्थिक दबाव बढ़ाएंगे। सरकार को संपत्ति कर की चिंताओं को दूर करने के लिए सफाई देनी चाहिए। पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने कहा कि संपत्ति कर का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। संपत्ति कर को अघोषित रूप से लगाने के लिए केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में फैसला लिया है। यह कर जनता विरोधी है। प्रदर्शन में मनमोहन सिंह, हरि सिंह चिब, गारू चौधरी, रितू चौधरी, मोहिदीन आदि शामिल रहे।
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पूर्व मंत्री रमण भल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन होने के बाद यहां कोई बड़ी आर्थिक गतिविधि नहीं देखी गई है। संपत्ति टैक्स के फैसले से लोग परेशान हैं। इस नाजुक माहौल में सरकार राहत देने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मूलाराम ने कहा कि संपत्ति कर लोगों पर अन्याय है। जम्मू-कश्मीर पहले ही बेरोजगारी की मार झेल रहा है, उस पर ऐसे कर आर्थिक दबाव बढ़ाएंगे। सरकार को संपत्ति कर की चिंताओं को दूर करने के लिए सफाई देनी चाहिए। पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने कहा कि संपत्ति कर का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। संपत्ति कर को अघोषित रूप से लगाने के लिए केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में फैसला लिया है। यह कर जनता विरोधी है। प्रदर्शन में मनमोहन सिंह, हरि सिंह चिब, गारू चौधरी, रितू चौधरी, मोहिदीन आदि शामिल रहे।
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