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जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन को लेकर आजाद का बड़ा बयान, पीडीपी से फिलहाल दोस्ती नहीं

Wed, 04 Jul 2018 12:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 04 Jul 2018 12:02 AM IST
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 Congress leader ghulam nabi azad denies possibility of forming government in Jammu and Kashmir
कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन के लिए फिलहाल कोई पहल नहीं करेगी। पार्टी ने अभी वेट एंड वाच की रणनीति अपनाई है। पार्टी रियासत में स्थिति सामान्य होने के बाद चुनाव चाहती है। 
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राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, जम्मू-कश्मीर की इंचार्ज व महासचिव अंबिका सोनी और प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर ने रियासत के प्रमुख नेताओं के साथ गहन मंथन के बाद फिलहाल सरकार बनाने की कोशिशों से अलग रहने का फैसला लिया है। 
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श्रीनगर में प्रदेश कांग्रेस की अहम बैठक के बाद वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिए कि फिलहाल पीडीपी से दोस्ती का कोई इरादा नहीं है। पार्टी ने राज्य में सियासी उथल पुथल के लिए भाजपा-पीडीपी को जिम्मेदार ठहराया है। 
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श्रीनगर में मंगलवार को हुई प्रदेश नेतृत्व की अहम बैठक में लोकसभा 2019 के चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने की कोशिश की गई। संगठन का जनाधार बढ़ाने और लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन की संभावना पर भी बैठक में चर्चा हुई।

जम्मू, कश्मीर और लद्दाख से पार्टी क प्रमुख नेताओं और एमएलए- एमएलसी ने इस बैठक में शिरकत की। बैठक में रियासत के मौजूदा सियासी परिदृश्य पर मंविस्तृत रूप से विचार विमर्श किया गया। आगामी चुनावों सहित भविष्य की अन्य गतिविधियों के लिए रणनीति बनाई गई। 

पार्टी प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कहा कि बैठक में सरकार बनाने पर कोई चर्चा नहीं की गई है। चुनाव सहित अन्य मुद्दों पर मंथन किया गया है। पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। 

भाजपा और पीडीपी अपने कार्यकाल का हिसाब दें : अंबिका सोनी
कांग्रेस की महासचिव व जम्मू-कश्मीर की इंचार्ज अंबिका सोनी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार अपने चार साल के कार्यकाल का हिसाब दे। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार रहने के बाद जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन क्यों तोड़ा गया है।

इन सब सवालों का भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में कांग्रेस ने अमन बहाली के लिए राउंड टेबल कान्फ्रेंस, घाटी में वार्ताकार सहित अन्य कई कारगर प्रयास किए थे। कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद सार्थक प्रयास बंद हो गए। उम्मीद है कि भविष्य में जनता कांग्रेस को दोबारा वापस लाएगी।
 
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