चिनाब वेली को लेकर गंभीर दिखे आजाद-सोज
जम्मू-कश्मीर में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस जल्द ही प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी।
उधमपुर में आयोजित अधिवेशन के दौरान गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तीनों क्षेत्रों के अलावा चिनाब वेली को लेकर भी काफी गंभीर दिखे।
आगामी चुनाव में चिनाब वेली कांग्रेस का मुख्य मुद्दा हो सकता है। इन नेताओं के अनुसार चिनाब वेली और राजोरी-पुंछ के लोगों को भी लगता है कि उनके क्षेत्र में विकास नहीं हुआ है।
अगला अधिवेशन कठुआ में
अधिवेशन को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने कहा कि जम्मू, लेह और उधमपुर के बाद अगला अधिवेशन कठुआ में होगा।
राजोरी-पुंछ में से एक जिले में अधिवेशन के बाद चिनाब वेली डोडा, रामबन, किश्तवाड़, रियासी जिले के कार्यकर्ताओं का अधिवेशन पत्नीटाप में होगा।
गुलाम नबी आजाद ने चिनाब वेली की समस्याओं को लेकर कहा कि क्षेत्रीय और अंतर क्षेत्रीय विवादों को कांग्रेस ही समाप्त कर सकती है। राज्य को एकजुट रखकर उसका विकास किया जाएगा।
नेकां से गठबंध बस एक बार
अधिवेशन में कहा गया कि आगामी चुनाव के लिए प्रत्याशी की सूची जल्द ही जारी कर दी जाएगी। इसके लिए पार्टी में गहन विचार-विमर्श चल रहा है।
उनके अनुसार अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कांग्रेस का है। अब तक कभी भी कांग्रेस ने चुनाव से पहले किसी से गठबंधन नहीं किया है।
केवल एक बार 1987 में ही चुनावों से पहले नेशनल कांफ्रेंस से गठबंधन किया था। उसके बाद हमेशा कांग्रेस ने सरकार बनाने में ही मदद की है।
बिना सरकार दिल्ली जैसा हाल होगा
मौजूदा सरकार गिराने को लेकर भी उनका कोई फैसला नहीं हुआ है। मौजूदा सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। क्योंकि बिना सरकार के आम जनता का हाल भी दिल्ली जैसा हो जाता।
सरकार गिराकर चुनाव करवाना उनका उद्देश्य नहीं है। चुनाव समय से होंगे और इसमें पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी। अधिवेशन की कार्यवाही जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह पठानिया ने की।
इस दौरान कांग्रेस के मंत्री शाम लाल, रमण भला, पूर्व मंत्री मूला राम, विधायक इंदू पवार, रवींद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
मंत्रियों के खिलाफ खुलकर बोले कार्यकर्ता
कांग्रेस के जिला अधिवेशन में मजालता, रामनगर, क्रिमची, उधमपुर से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपने मंत्रियों के खिलाफ खुलकर गुस्सा निकाला।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पिछले छह साल से उधमपुर के दूरदराज क्षेत्र में कोई भी मंत्री नहीं पहुंचा है। उनके मंत्री कार्यकर्ताओं की भी बात नहीं सुनते हैं।
उनके क्षेत्र की समस्या को लेकर कभी भी मंत्री ने काम नहीं किया। कांग्रेस के मंत्रियों में आपसी तालमेल की कमी है। तालमेल की कमी के कारण दो विभागों के बीच मामला फंस जाता है।
क्षेत्र का विकास नहीं होता है। अधिवेशन में दावा किया उधमपुर की तीनों सीटों पर कांग्रेस कब्जा करेगी। इस दौरान कांग्रेस जिला कार्यकारिणी, सरपंच, पंच आदि मौजूद थे।