कश्मीर पहुंचे राजनाथ का कांग्रेस ने किया बहिष्कार
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को श्रीनगर पहुंचे। वे कश्मीर में दो सप्ताह से जारी हिंसा की जमीनी हकीकत को समझने के लिए इससे प्रभावित सभी पक्षों के प्रतिनिधियों से मिल रहे हैं।
नेहरू गेस्ट हाउस में विभिन्न वर्ग के 150 से अधिक लोगों से मुलाकात की। मौलानाओं का प्रतिनिधिमंडल भी उनसे मिला। इस बीच कांग्रेस तथा कश्मीरी इकोनामिक एलायंस ने उनके दौरे के बहिष्कार का फैसला करते हुए गृह मंत्री से न मिलने का एलान किया है। कई प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने भी दौरे के बहिष्कार का फैसला किया है।
मुख्य विपक्षी पार्टी नेकां के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नेकां ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया था। राजनाथ राज्यपाल एनएन वोहरा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मिलने के साथ ही रविवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
बाद में सुरक्षा बलों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा करेंगे। अपने दौरे में राजनाथ विभिन्न राजनीतिक दलों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों तथा समाज के विभिन्न वर्ग के प्रतिनिधियों से मिलकर कश्मीर हिंसा की वजह जानने और समाधान का रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे।
नेकां-कांग्रेस ने दौरे को बताया नाटक
केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को नेकां और कांग्रेस ने महज नाटक बताया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर का कहना है कि कश्मीर के हालात के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही जिम्मेदार है। दोनों सरकारें अपनी जिम्मेदारियों से बच रही हैं।
भाजपा नहीं चाहती कि कश्मीर के हालात सुधरें। लिहाजा कांग्रेस गृह मंत्री से नहीं मिलेगी। नेकां के वरिष्ठ नेता गुलाम मुस्तफा का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा महज नाटक है। उनके आने से स्थिति ठीक नहीं होगी। कांग्रेस के गुलाम नबी मोंगा का मानना है कि गृह मंत्री का दौरा जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। इतने दिनों तक सरकार सोती रही। शांति बहाली के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।