घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी के अभी हालात माकूल नहीं : दिनेश्वर शर्मा
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विस्थापित कश्मीरी पंडितों की कश्मीर में वापसी के लिए अभी फिलहाल माहौल माकूल नहीं है। जैसे ही हालात पूरी तरह सुधरेंगे, उनकी घाटी में वापसी पर विचार किया जाएगा। यह बात जम्मू-कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा ने शुक्रवार को जम्मू में कश्मीरी पंडितों से मुलाकात के दौरान कही।
रियासत के अपने दूसरे दौरे के पहले दिन दिनेश्वर ने नगरोटा स्थित विस्थापित कश्मीरी पंडितों के 10 प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। कैंप में स्थित कम्यूनिटी हाल में उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और केंद्र सरकार तक पहुंचाने का वादा किया।
दिनेश्वर से मिले कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों का कहना था कि मुलाकात के दौरान शर्मा ने कहा कि घाटी के हालात अभी ऐसे नहीं है कि कश्मीरी पंडितों को घाटी में वापस भेजा जाए। दिनेश्वर ने भरोसा दिलाया कि जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, उनकी वापसी पर विचार किया जाएगा।
विस्थापित कश्मीरी पंडितों के जगती कैंप के लेन नंबर 14 स्थित कम्युनिटी हाल में दिनेश्वर शर्मा दोपहर बाद करीब तीन बजे पहुंचे। एक आरटीआई के तहत भारत सरकार के पास कश्मीरी पंडितों को घाटी में वापस भेजने का किसी तरह का प्रस्ताव न पहुंचने के सवाल पर दिनेश्वर ने कहा कि उन्हें इस विषय में जानकारी नहीं है।
कश्मीरी पंडितों ने ये मांगें बताईं
कश्मीरी पंडितों ने प्रमुख रूप से घाटी में स्थायी तौर पर कश्मीरी पंडितों की वापसी, प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत युवाओं को नौकरी, कश्मीरी पंडितों को मिलने वाली राहत राशि को दस हजार से बढ़ाकर 25 हजार करना, अधिक उम्र के युवाओं को एकमुश्त राशि देना, घाटी में हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करना, अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाना, तीन हजार पद प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सृजित करना, कश्मीर में होमलैंड की स्थापना, जब तक घाटी वापसी नहीं होती जगती कैंप सहित अन्य कैंपों की स्थिति दुरुस्त करना जैसी मांगें केंद्रीय वार्ताकार के समक्ष रखीं।