फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   componsetion

स्थानीय को दिया जाए जमीन के मालिकाना अधिकार

विज्ञापन
componsetion
पत्रकारों को जानकारी देते हुए लैंड रिफॉर्म फ्रंट की प्रधान डॉ प्रीति भगत व अन्य सदस्य
आरएस पुरा। लोकल एलाटीज लैंड रिफॉर्म फ्रंट ने प्रेसवार्ता कर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मांग की कि प्रदेश में रहने वाले स्थानीय एलाटीज को जमीनों के मालिकाना हक के अधिकार दिए जाएं। फ्रं ट की डॉ. प्रीति भगत और महासचिव दर्शन कुंडल ने कहा की प्रदेश में चाहे किसी की भी सरकार रही हो, दलित समाज का शोषण किया गया है। जो आज भी जारी है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इसका उदाहरण है 1947 में जो विस्थापित यहां रहने लगे, उन्हें 578 -सी के तहत जमीन मिली। इसके साथ ही यहां स्थानीय रहने वालों को जिनके पास जमीन नहीं थी, उन्हें भी 578 -सी के तहत जमीन मिली। पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर के विस्थापित क्लास 3 ए के तहत अपनी जमीन को स्थानांतरित करने के अधिकार सरकार ने उन्हें दे दिए जिसके कारण विस्थापित अपनी जमीन स्थानांतरित कर सकते हैं। दूसरी ओर यहां का दलित समाज न जमीन को बेच सकता है, न उन पर घर बना सकता है। उनको किसी तरह का अधिकार नहीं दिया गया, जिसके चलते वह लोग इस जमीन पर सिर्फ खेती कर सकते हैं। डॉ. भगत ने कहा कि क्या यह संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रहीं। प्रीति भगत ने दलित नेताओं पर भी प्रश्न खड़े किए। यहां की विधानसभा में दबदबा दलित समाज का रहा, लेकिन दलित समाज का एक ही नेता विधानसभा में अपने लोगों की आवाज नहीं उठा सका।
विज्ञापन

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस सरकार ने दलित समाज के लोगों को जमीन के अधिकार नहीं दिए तो जम्मू में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया जाएगा। प्रेसवार्ता में फ्रं ट के कृष्ण लाल सहित अन्य सदस्य व पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

फ्रंट की प्रधान डॉ प्रीति भगत व अन्य सदस्य
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed