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फेंसिंग की अंदर की भूमि का किसानों को 23 साल से नहीं मिला मुआवजा
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ज्यौड़ियां। एलओसी से सटे खौड़ के गांव घिगड़याल के किसानों ने फेंसिंग के अंदर की भूमि का मुआवजा मांगा है। किसान गार सिंह, सूरम सिंह, पंच सुरेंद्र सिंह तथा सुरजीत सिंह ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान 1999 में प्रशासन के सहयोग से सेना ने डिफेंस मजबूत करने के लिए भारत-पाक सीमा के साथ लगती हमारी भूमि पर बारूदी सुरंगे बिछाई थीं। उस समय हमसे वादा किया गया कि जितनी देर तक हमारी जमीन सेना के आधीन रहेगी उसका मुआवजा किसानों को दिया जाएगा। लेकिन आज लगभग 23 साल हो गए हैं, कारगिल न ही हमें मुआवजा दिया गया और न ही हमें जमीन लौटाई जा रही है।
किसानों ने बताया कि हम में से कई किसानों के पास खेतीबाड़ी के लिए वही जमीन थी। अब हमें अपने परिवार का पालन-पोषण करने में मुश्किलें हो रही हैं। किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल इस विषय में सोमवार को एसडीएम अनिल कुमार ठाकुर और तहसीलदार मोनिका शर्मा से मिला। किसानों ने अपनी परेशानी बताई, जिसमें किसानों ने कहा कि हमें हमारी भूमि का 1999 से मुआवजा दिया जाए, हमें हमारी जमीन लौटाई जाए। क्योंकि हमारे पास खेती के लिए भूमि नहीं है।
किसानों ने बताया कि हमारा 1971 का भी मुआवजा बंद है। हमें सीमा के बीच सेना की तरफ से हमारी भूमि पर बनी डिच का भी मुआवजा नहीं मिलता है। हम बेहद परेशान हैं।
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गांव घिगड़याल के किसानों का प्रतिनिधिमंडल आया था। हम जल्द से जल्द गांव में शिविर लगाकर उनकी समस्या का हल निकालने की कोशिश करेंगे। हमने इस विषय में उच अधिकारियों को पत्र भेजा है।
-अनिल कुमार ठाकुर, एसडीएम, खौड़
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किसानों ने बताया कि हम में से कई किसानों के पास खेतीबाड़ी के लिए वही जमीन थी। अब हमें अपने परिवार का पालन-पोषण करने में मुश्किलें हो रही हैं। किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल इस विषय में सोमवार को एसडीएम अनिल कुमार ठाकुर और तहसीलदार मोनिका शर्मा से मिला। किसानों ने अपनी परेशानी बताई, जिसमें किसानों ने कहा कि हमें हमारी भूमि का 1999 से मुआवजा दिया जाए, हमें हमारी जमीन लौटाई जाए। क्योंकि हमारे पास खेती के लिए भूमि नहीं है।
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किसानों ने बताया कि हमारा 1971 का भी मुआवजा बंद है। हमें सीमा के बीच सेना की तरफ से हमारी भूमि पर बनी डिच का भी मुआवजा नहीं मिलता है। हम बेहद परेशान हैं।
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गांव घिगड़याल के किसानों का प्रतिनिधिमंडल आया था। हम जल्द से जल्द गांव में शिविर लगाकर उनकी समस्या का हल निकालने की कोशिश करेंगे। हमने इस विषय में उच अधिकारियों को पत्र भेजा है।
-अनिल कुमार ठाकुर, एसडीएम, खौड़