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कोर्ट ने इलाज के नाम पर धोखाधड़ी करने पर आरोपी की नामंजूर की बेल
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जम्मू। कोर्ट ने इलाज के नाम पर धोखाधड़ी मामले में आरोपी की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है। आरोपी सलमान निवासी गली नंबर 35, फतेहुल्लाहपुर रोड मेरठ ने जमानत के लिए आवेदन किया था। क्राइम ब्रांच जम्मू को शकुंतला देवी ने लिखित शिकायत दी थी। इसमें उसके पति की मौत एचआईवी पॉजिटिव होने से हुई है। वह भी बीमारी से ग्रस्त थी। इसके बाद उसने टीवी पर विज्ञापन देखा। इसमें बीमारी से संबंधित समस्या का समाधान करने का भरोसा दिलाया गया था। इसमें फोन नंबर भी दिया हुआ था।
फोन पर गुरु कबीर बंगाली से बात हुई और समस्या के बारे में बताया गया। उसने उसे ठीक करने का भरोसा दिया। वह इलाज कराने को तैयार हो गई। इसके बाद शिकायतकर्ता से उसके खाते में छह हजार रुपये जमा कराने को कहा। आरोपी ने अलग-अलग खाता नंबरों पर राशि जमा कराई। महिला ने नौ लाख 34 हजार 100 रुपये खाते में जमा करा दिए। इसके बाद भी वह बीमारी का समाधान नहीं कर पाया। शिकायतकर्ता को लगा कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। बाद में उसने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। बाद में मामला कोर्ट में भेजा गया। मौजूदा समय में शिकायतकर्ता की मौत भी एचआईवी से हो गई है। मामले में सुनवाई के बाद वकीलों की दलीलों को सुना गया। इसमें न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ करने और धोखाधड़ी पर सख्ती से निपटाने के लिए जज ने आरोपी की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। जेएनएफ
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फोन पर गुरु कबीर बंगाली से बात हुई और समस्या के बारे में बताया गया। उसने उसे ठीक करने का भरोसा दिया। वह इलाज कराने को तैयार हो गई। इसके बाद शिकायतकर्ता से उसके खाते में छह हजार रुपये जमा कराने को कहा। आरोपी ने अलग-अलग खाता नंबरों पर राशि जमा कराई। महिला ने नौ लाख 34 हजार 100 रुपये खाते में जमा करा दिए। इसके बाद भी वह बीमारी का समाधान नहीं कर पाया। शिकायतकर्ता को लगा कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। बाद में उसने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। बाद में मामला कोर्ट में भेजा गया। मौजूदा समय में शिकायतकर्ता की मौत भी एचआईवी से हो गई है। मामले में सुनवाई के बाद वकीलों की दलीलों को सुना गया। इसमें न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ करने और धोखाधड़ी पर सख्ती से निपटाने के लिए जज ने आरोपी की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया। जेएनएफ
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