JK: भाजपा-पीडीपी गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं
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भाजपा और पीडीपी गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है। दोनों दलों के बीच दरार लगातार चौड़ी होती जा रही है। बाढ़ पीड़ितों के राहत और पुनर्वास के पैकेज में हो रही देरी से मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद खफा हैं। वहीं वैष्णो देवी यात्रा में हेलीकाप्टर किराया बढ़ाने और बीफ बैन के विवाद ने आग में घी का काम किया है।
घाटी में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद केंद्र सरकार मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज पर तो काम कर रही है लेकिन बाढ़ राहत पुनर्वास पैकेज पर अब तक कुछ नहीं हो पाया है। वित्त मंत्री हसीब द्राबू कहते हैं कि केंद्र सरकार की ओर से अब तक जो घोषणाएं हुई हैं, उसकी राशि भी नहीं मिल पाई है।
केंद्र ने एक साल में सिर्फ चार हजार करोड़ रुपये दिए हैं, जो बहुत पहले खत्म हो चुके हैं। ढाई महीने पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ढाई हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा की लेकिन इस मद में अब तक एक भी पैसा नहीं मिल पाया है। ऐसे में मुख्यमंत्री अब सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करने लगे हैं।
बीफ बैन के मुद्दे पर भी दोनों दल में बढ़ा टकराव
हाल में जब हाईकोर्ट ने बीफ बैन को लागू करने के आदेश दिए, तब गठबंधन का अंतर्विरोध ज्यादा उभरा। नेशनल कांफ्रेंस और अलगाववादी गुट इस प्रतिबंध के खिलाफ सड़कों पर विरोध जता रहे हैं।
नेकां और कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर विधानसभा में अलग-अलग विधेयक लाने का ऐलान किया है। इन परिस्थितियों में पीडीपी पर बीफ बैन हटाने के लिए विधानसभा में विधेयक लाने का दबाव है, जबकि भाजपा इसके लिए तैयार नहीं है।
सरकार बनाने के लिए तैयार गठबंधन एजेंडा लागू नहीं होने पर भी पीडीपी को ऐतराज है। इसके लिए भाजपा-पीडीपी मंत्रियों की समन्वय समिति बनी लेकिन काम आगे नहीं बढ़ पाया। घाटी में अब हर 10-15 दिन में पाकिस्तान और आईएस के झंडे लहराए जाने लगे हैं। भाजपा इस स्थिति से असहज है। दूसरी ओर पीडीपी मानती है कि भाजपा आलाकमान कश्मीर को ठीक से समझ नहीं पा रहा है।
पीडीपी सूत्रों का कहना है कि द्राबू इन मुद्दों पर भाजपा महासचिव राम माधव से बातचीत कर कोई हल निकालना चाहते हैं। द्राबू और माधव की मुलाकात जल्द हो सकती है। बीच में द्राबू दो बार दिल्ली आए थे लेकिन राम माधव की असम में व्यस्तता के कारण बैठक नहीं पाई।