फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   cm mufti meet ram madhav on kashmiri pandit issue

मुफ्ती ने शुरु की कश्मीरी पंडितों में विश्वास बहाली की नई पहल

Wed, 10 Jun 2015 11:33 AM IST
Updated Wed, 10 Jun 2015 11:33 AM IST
विज्ञापन
cm mufti meet ram madhav on kashmiri pandit issue

कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए विश्वास बहाली की दिशा में नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। मुफ्ती सरकार ने कश्मीरी पंडितों के अलग-अलग ग्रुपों के साथ मुफ्ती सरकार ने बातचीत शुरू कर दी है।

विज्ञापन


पिछले दिनों भाजपा महासचिव राम माधव की मौजूदगी में दिल्ली में कश्मीरी पंडितों के कुछ प्रतिनिधियों के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी सरकार कश्मीरी पंडितों की घाटी वापसी के लिए कृत संकल्पित है।
विज्ञापन


मोदी के मिशन कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की ससम्मान घर वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। गठबंधन सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) में भी इसका जिक्र है कि पंडितों का घाटी में पुनर्वास सुनिश्चित कराया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि मुफ्ती ने अलग-अलग वर्गों से उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं पर चर्चा की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रियासत की सरकार भी घर वापसी चाहती

cm mufti meet ram madhav on kashmiri pandit issue

मुफ्ती ने आश्वस्त किया कि केंद्र की सरकार ही नहीं, बल्कि रियासत की सरकार भी घर वापसी चाहती है। यह तभी संभव है, जब कश्मीरी पंडित इसके लिए तैयार हों। सरकार उनकी सुरक्षा तथा अन्य सुविधाओं का प्रबंध करेगी, लेकिन सबसे जरूरी है कि उनके बीच सुरक्षा तथा भरोसे की भावना जगे।

सूत्रों ने बताया कि कश्मीर पंडितों ने मांग की है कि 25 साल पहले उन्हें जिस तरह से घाटी से निकाला गया, उसकी जांच के लिए एक आयोग का गठन किया जाना चाहिए। छोटी-मोटी घटनाओं में ही जांच आयोग गठित हो जाता है, लेकिन सैकड़ों पंडितों की जान जाने के बाद भी अब तक न्याय के लिए आयोग गठित नहीं हुआ।

उन्होंने रोजगार के लिए पैकेज, उच्च शिक्षा में आरक्षण, कश्मीरी बिजनेसमैन को आर्थिक सहायता देने, हिंदू श्राइन बिल पास करने सहित अन्य कई मुद्दों पर बात की। मुफ्ती से मुलाकात करने वालों में भाजपा एमएलसी सुरिंदर अमबरदार, हब्बाकदल से प्रत्याशी रहे भाजपा नेता मोती कौल, जम्मू विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. अमिताभ मट्टू, आल इंडिया कश्मीरी समाज के विजय आइमा, डा. रोमेश रैना और कर्नल तेज टिक्कू, जम्मू कश्मीर विचार मंच के अजय भारती, संजय गंजू और मनोज भान, जम्मू कश्मीर नेशनलिस्ट मूवमेंट के केएन पंडिता, जम्मू कश्मीर स्टडी सर्किल के जवाहर कौल, कौशर समुत के एमएल मल्ला, अशोक बारी आदि शामिल रहे।

कई बार आए उतार-चढ़ाव

cm mufti meet ram madhav on kashmiri pandit issue

केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद से ही घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू किए गए। इधर बीच रियासत में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद घाटी में अलग टाउनशिप बनाने की केंद्र सरकार ने घोषणा की तो अलगाववादियों ने विरोध शुरू कर दिया।

विरोध देखते हुए मुफ्ती सरकार ने यू टर्न लेते हुए अलग टाउनशिप बनाने से इनकार कर दिया। बाद में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया कि मुफ्ती सरकार टाउनशिप के लिए 50 एकड़ जमीन देने को तैयार है।

विपक्षी दलों ने मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए केंद्र तथा मुफ्ती सरकार पर हमला बोला। भाजपा ने स्पष्ट किया कि कश्मीरी पंडितों की रजामंदी तथा रायशुमारी से ही उनकी घाटी में ससम्मान वापसी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed