फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   CM Abdullah and LG meet in middle of assembly session

Jammu: विधानसभा सत्र के बीच सीएम अब्दुल्ला और एलजी की मुलाकात, निकल रहे कई मायने

Sun, 23 Mar 2025 11:22 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 23 Mar 2025 11:22 PM IST
सार

रविवार को करीब दस मिनट की इस मुलाकात का एजेंडा तो सार्वजनिक नहीं था, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि बिजनेस नियमों पर चर्चा हुई है।

विज्ञापन
CM Abdullah and LG meet in middle of assembly session
सीएम उमर अब्दुल्ला और एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा सत्र के बीच रविवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। राजभवन ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। पर राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। क्योंकि सरकार ने बिजनेस नियम को उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा है। दूसरी तरफ विधानसभा में एलजी के शासनकाल पर नेकां विधायकों ने तीखे हमले किए हैं। सीएम-एलजी की इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है।

विज्ञापन

रविवार को करीब दस मिनट की इस मुलाकात का एजेंडा तो सार्वजनिक नहीं था, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि बिजनेस नियमों पर चर्चा हुई है। नेकां सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लिए प्रस्तावित बिजनेस नियमों को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा है। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है, लेकिन राजभवन से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। बिजनेस नियमों के परिभाषित होने से निर्वाचित सरकार और उपराज्यपाल के कार्यालय के बीच शक्तियों के विभाजन की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री का राजभवन दौरा पूर्व निर्धारित नहीं था। इस अचानक हुई मुलाकात ने प्रदेश बिजनेस नियम के बारे में अटकलों को तेज किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने छह मार्च को घोषणा की थी, सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन के लिए बिजनेस नियमों को तय किया है। वहीं विधानसभा सत्र में उपराज्यपाल पर सीधे हमले भी हुए हैं। नेकां के विधायकों ने प्रदेश में बढ़ते अवैध खनन, जल जीवन मिशन में घोटाले का आरोप लगाया है।

विज्ञापन

उपराज्यपाल के पांच साल के कार्यकाल में प्रदेश की तबाही होने तक की बातें भी विधानसभा में कही गई हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ तो जल जीवन मिशन में घोटाले के आरोप के लिए बनाई हाउस समिति को उपराज्यपाल के शासनकाल में हुए कार्यों से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि अगर इसमें जांच होगी और कुछ अनियमितताएं मिलती हैं तो उसका सारा ठीकरा उपराज्यपाल पर ही फोड़ा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed