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कोर्ट के इस फैसले ने बढ़ाई PDD के JE की परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 10 Aug 2014 01:27 AM IST
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पीडीडी के जूनियर इंजीनियर अश्वनी कुमार के खिलाफ विजिलेंस द्वारा दायर आय से अधिक संपत्ति के मामले में पेश क्लोजर रिपोर्ट को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। भ्रष्टाचार निरोधक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय परिहार की अदालत ने मामले की जांच को आगे भी जारी रखने के आदेश दिए।
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20 सितंबर 2006 को विजिलेंस ने अश्वनी कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसमें कहा गया कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए गलत तरीके से भारी संपत्ति अर्जित की। जांच में पता चला कि उक्त संपत्ति गैर जानकारी वाले स्रोत से अर्जित की गई है।
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इसमें पुंछ शहर में जमीन और घर, त्रिकुटा नगर जम्मू में दो स्टोरी लग्जरी घर, इसी घर के पास एक खाली प्लाट, कुद में उनकी पत्नी के नाम थ्री स्टोरी होटल, कार, टू व्हीलर के अलावा सोने के गहनों और बैंक डिपाजिट के रूप में चल संपत्ति में निवेश शामिल है। जांच पूरी करने के बाद विजिलेंस ने क्लोजर रिपोर्ट अदालत में पेश की।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय परिहार ने विजिलेंस द्वारा दायर अंतिम रिपोर्ट पर नजर डालने के अलावा जांच अधिकारी और विजिलेंस के अन्य अधिकारियों के नोट पर गंभीरता से विचार किया। अदालत ने पाया कि कोर्ट यह समझने में असफल रही है कि जांच अधिकारी ने केस के पहलुओं की जांच सही तरीके से क्यों नहीं की और केस को बंद करने की तैयारी कर ली, जबकि वह उनकी जांच के हिस्से थे। यह काफी दुखद है।
जांच अधिकारी आठ साल तक मामले की जांच में लगे रहे और जांच बिना किसी ठोस नतीजे के एक से दूसरे छोर तक चलती रही। मामले की देखरेख करने वाले अधिकारी ने भी सही जांच के लिए अपने कर्त्तव्य का पालन नहीं किया। इसलिए इसका वह परिणाम नहीं निकला, जो होना चाहिए था।
तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत अंतिम रिपोर्ट को खारिज करती है और विजिलेंस को निर्देश देती है कि केस की जांच आगे की जाए, ताकि तार्किक निष्कर्ष निकल सके।