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सुनील को सात साल बाद मिला शहीद का दर्जा
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परगवाल। परगवाल के रहने वाले सुनील कुमार को करीब सात साल बाद शहीद का दर्जा मिला। वीरवार को सीमा सुरक्षा बल की 46वीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट सीआर चौहान ने शहीद जवान के घर पहुंच कर माता-पिता रानो देवी और पूर्ण चंद को प्रमाण पत्र सौंपा।
सुनील कुमार 20 जुलाई 2011 को सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे। 23 जुलाई 2014 को वह मणिपुर के चुरीअंतपुर में तस्करों का पीछा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उस समय वह सीमा सुरक्षा बल की 125वीं बटालियन में तैनात थे। उन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद सुनील कुमार के माता-पिता के अलावा भाई और बहन हैं।
सुनील जिस वक्त शहीद हुये थे, उस समय उनकी उम्र 23 वर्ष थी। वीरवार को शहीद सुनील कुमार के घर प्रमाण पत्र सौंपने के दौरान बीडीसी चेयरमैन निशा कुमारी, पूर्व सरपंच जोगिन्द्र कुमार, इंस्पेक्टर रजिन्द्र सिंह चौधरी, गणेश कुमार, जगदीश सिंह, कुलदीप कुमार मौजूद रहे।
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सुनील कुमार 20 जुलाई 2011 को सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे। 23 जुलाई 2014 को वह मणिपुर के चुरीअंतपुर में तस्करों का पीछा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उस समय वह सीमा सुरक्षा बल की 125वीं बटालियन में तैनात थे। उन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद सुनील कुमार के माता-पिता के अलावा भाई और बहन हैं।
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सुनील जिस वक्त शहीद हुये थे, उस समय उनकी उम्र 23 वर्ष थी। वीरवार को शहीद सुनील कुमार के घर प्रमाण पत्र सौंपने के दौरान बीडीसी चेयरमैन निशा कुमारी, पूर्व सरपंच जोगिन्द्र कुमार, इंस्पेक्टर रजिन्द्र सिंह चौधरी, गणेश कुमार, जगदीश सिंह, कुलदीप कुमार मौजूद रहे।
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