{"_id":"6350636698f43049cf207e48","slug":"civic-animities-jammu-city-news-jmu2705936111","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलशक्ति अस्थायी कर्मियों की मांग को लेकर बनेगी कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलशक्ति अस्थायी कर्मियों की मांग को लेकर बनेगी कमेटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों को स्थायी करने की मांग को लेकर एक कमेटी गठित होगी। यह कमेटी तय करेगी कि कर्मियों के लिए किस तरह की नीति बनाई जाए। यह कमेटी जो भी फैसला लेेगी, उसे उप राज्यपाल के समक्ष रखा जाएगा, ताकि वे इस पर फैसला ले सकें। बुधवार को मंडलायुक्त रमेश कुमार ने जलशक्ति विभाग के पदाधिकारियों और चीफ इंजीनियर के साथ बैठक की।
बैठक में मंडलायुक्त ने कर्मियों से कहा कि एक कमेटी बनेगी। इसमें वित्त विभाग के आयुक्त सचिव, जलशक्ति के आयुक्त सचिव और जलशक्ति कर्मचारी फोरम के पदाधिकारी होंगे। इस बात पर जलशक्ति विभाग अस्थायी कर्मियों ने सहमति जताई है। फोरम के प्रवक्ता रवि हंस का कहना है कि वे लोग मंडलायुक्त के फैसले से सहमत हैं। दो से तीन दिन में यह कमेटी बन जाएगी। इसके बाद एक ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा, जिसे उप राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
जलशक्ति कर्मी अपना यह प्रस्ताव रखेंगे
प्रवक्ता रवि हंस का कहना है कि कर्मचारियों को पहले से ही स्थायी करने की नीति बनाई गई है। जो अब तक अमल में नहीं लाई गई। इस नीति के तहत दो एसआरओ 64 और 520 को लागू करना था। एसआरओ 64 में 7 साल काम कर चुके कर्मियों को स्थायी करना और 520 एसआरओ में 10 साल काम पूरा कर चुके कर्मियों को स्थायी करने का प्रावधान है। वे चाहते हैं कि एसआरओ 64 लागू हो। यदि 520 हो तो इसमें संशोधन किया जाए। इसमें अभी टीए डीए का प्रावधान नहीं है। वे चाहते हैं कि इसको शामिल करें और संशोधित करके ही लागू करें।
विज्ञापन
हड़ताल जारी, लेकिन जलापूर्ति बाधित नहीं करेंगे
कर्मचारियों ने फैसला लिया है कि कमेटी बनने तक वे अपनी हड़ताल जारी ही रखेंगे। कमेटी बनने के बाद प्रस्ताव लेकर उप राज्यपाल के पास पहुंचने तक संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि जलापूर्ति बाधित नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
बैठक में मंडलायुक्त ने कर्मियों से कहा कि एक कमेटी बनेगी। इसमें वित्त विभाग के आयुक्त सचिव, जलशक्ति के आयुक्त सचिव और जलशक्ति कर्मचारी फोरम के पदाधिकारी होंगे। इस बात पर जलशक्ति विभाग अस्थायी कर्मियों ने सहमति जताई है। फोरम के प्रवक्ता रवि हंस का कहना है कि वे लोग मंडलायुक्त के फैसले से सहमत हैं। दो से तीन दिन में यह कमेटी बन जाएगी। इसके बाद एक ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा, जिसे उप राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
विज्ञापन
जलशक्ति कर्मी अपना यह प्रस्ताव रखेंगे
प्रवक्ता रवि हंस का कहना है कि कर्मचारियों को पहले से ही स्थायी करने की नीति बनाई गई है। जो अब तक अमल में नहीं लाई गई। इस नीति के तहत दो एसआरओ 64 और 520 को लागू करना था। एसआरओ 64 में 7 साल काम कर चुके कर्मियों को स्थायी करना और 520 एसआरओ में 10 साल काम पूरा कर चुके कर्मियों को स्थायी करने का प्रावधान है। वे चाहते हैं कि एसआरओ 64 लागू हो। यदि 520 हो तो इसमें संशोधन किया जाए। इसमें अभी टीए डीए का प्रावधान नहीं है। वे चाहते हैं कि इसको शामिल करें और संशोधित करके ही लागू करें।
विज्ञापन
हड़ताल जारी, लेकिन जलापूर्ति बाधित नहीं करेंगे
कर्मचारियों ने फैसला लिया है कि कमेटी बनने तक वे अपनी हड़ताल जारी ही रखेंगे। कमेटी बनने के बाद प्रस्ताव लेकर उप राज्यपाल के पास पहुंचने तक संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि जलापूर्ति बाधित नहीं की जाएगी।