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भूमि खरीद फरोख्त नियम में संशोधन नहीं होने पर महाजन सभा में रोष
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जम्मू। भूमि खरीद फरोख्त के नियम में संशोधन न होने पर केंद्रीय महाजन सभा में रोष है। सभा के अनुसार महाजन, क्षत्रिय और सिख समुदाय के लोगों की अनदेखी की जा रही है। सभा के अध्यक्ष रोमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार को मुद्दे से अवगत कराया गया था। लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। मामले में टाल-मटोल की जा रही है। प्रधानमंत्री को भी संबंधित पत्र लिखा था। उ
न्होंने प्रमुख सचिव को नियम में संशोधन करने के निर्देश दिए थे। कई महीनों तक उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र पर ध्यान नहीं दिया। रोमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि कई महीनों बाद कुछ दिन पहले प्रमुख सचिव कार्यालय से उन्हें फोन आया। फोन पर बताया गया कि आपके प्रमुख सचिव के निर्देश के अनुसार भूमि खरीद फरोख्त के दस्तावेजों में संशोधन करने के लिए पत्र सामाजिक कल्याण आयोग को भेजा गया है।
रोमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रमुख सचिव के कार्यालय के सदस्य से जब बात होने लगी, तो उन्होंने बताया कि सामाजिक कल्याण विभाग इस मामले में क्या जांच कर सकता है। इस मामले में जांच करने का दायित्व विधि विभाग और राजस्व विभाग का होता है। कार्यालय सदस्य ने उन्हें जवाब दिया है कि पूरी जानकारी नहीं थी। सिर्फ पंद्रह दिन का समय दीजिए, समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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उन्होंने बताया कि तीन समुदाय के लोगों को प्रशासन हर रोज इधर से उधर घूमा रहा है। समस्या का समाधान निकालने के लिए कोई तैयार नहीं है। हालांकि महाजन बिरादरी आंदोलन नहीं, बल्कि समाज सेवा करती है। लेकिन प्रशासन उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रहा है। रोमेश गुप्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 2021 में भी भेदभाव की व्यवस्था देखने को मिल रही है।
दादर और नगर हवेली, दिल्ली, चंडीगढ़ और बाकी केंद्र शासित प्रदेशों में तीन समुदाय के लोग राहत की सांस ले रहे हैं। सिर्फ जम्मू-कश्मीर में लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसका खामियाजा भावी पीढ़ियों को भी भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नियम में संशोधन करने के लिए पंद्रह दिन का समय लिया गया है। अगर मांग पूरी नहीं होती है, तो केंद्रीय महाजन सभा मजबूरन कड़ा रूख अपनाएगी। अपने अधिकार को सभा कभी नहीं छोड़ेगी।
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न्होंने प्रमुख सचिव को नियम में संशोधन करने के निर्देश दिए थे। कई महीनों तक उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र पर ध्यान नहीं दिया। रोमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि कई महीनों बाद कुछ दिन पहले प्रमुख सचिव कार्यालय से उन्हें फोन आया। फोन पर बताया गया कि आपके प्रमुख सचिव के निर्देश के अनुसार भूमि खरीद फरोख्त के दस्तावेजों में संशोधन करने के लिए पत्र सामाजिक कल्याण आयोग को भेजा गया है।
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रोमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रमुख सचिव के कार्यालय के सदस्य से जब बात होने लगी, तो उन्होंने बताया कि सामाजिक कल्याण विभाग इस मामले में क्या जांच कर सकता है। इस मामले में जांच करने का दायित्व विधि विभाग और राजस्व विभाग का होता है। कार्यालय सदस्य ने उन्हें जवाब दिया है कि पूरी जानकारी नहीं थी। सिर्फ पंद्रह दिन का समय दीजिए, समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
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उन्होंने बताया कि तीन समुदाय के लोगों को प्रशासन हर रोज इधर से उधर घूमा रहा है। समस्या का समाधान निकालने के लिए कोई तैयार नहीं है। हालांकि महाजन बिरादरी आंदोलन नहीं, बल्कि समाज सेवा करती है। लेकिन प्रशासन उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रहा है। रोमेश गुप्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 2021 में भी भेदभाव की व्यवस्था देखने को मिल रही है।
दादर और नगर हवेली, दिल्ली, चंडीगढ़ और बाकी केंद्र शासित प्रदेशों में तीन समुदाय के लोग राहत की सांस ले रहे हैं। सिर्फ जम्मू-कश्मीर में लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसका खामियाजा भावी पीढ़ियों को भी भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नियम में संशोधन करने के लिए पंद्रह दिन का समय लिया गया है। अगर मांग पूरी नहीं होती है, तो केंद्रीय महाजन सभा मजबूरन कड़ा रूख अपनाएगी। अपने अधिकार को सभा कभी नहीं छोड़ेगी।