'ड्रैगन' की गुस्ताखी, पाक सैनिकों को दे रहा ट्रेनिंग
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पाकिस्तान की अकारण गोलीबारी और चीनी सैनिकों की अपने क्षेत्र में आए दिन होने वाली घुसपैठ से परेशान भारत की मुश्किलें आगामी दिनों में बढ़ सकती हैं। इसकी वजह पाकिस्तान और चीन के सैनिकों की आपस में बढ़ रही जुगलबंदी है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को पता चला है कि जम्मू-कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर चीनी सैनिक पाकिस्तानी सेना के जवानों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इसका खुलासा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की खुफिया विंग ने अपनी रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजौरी सेक्टर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पार चीनी सैनिकों को पाक जवानों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देते देखा गया है।
इसमें कहा गया है कि यह सैन्य युद्धाभ्यास पाकिस्तान के अग्रिम रक्षा स्थलों पर किया जा रहा है। ये इलाके पाक रेंजर की निगरानी में रहते हैं। बीएसएफ की प्रारंभिक सूचनाओं के विश्लेषण के अनुसार, श्रीगंगानगर सेक्टर के सामने भी रेंजर की अर्द्धसैनिक चौकियों पर पाक सेना की यूनिटों ने नियंत्रण जमा लिया है। साथ ही पाकिस्तान ने पंजाब में गुरदासपुर और अबोहर सेक्टर से लगते इलाकों में नई निगरानी चौकियां स्थापित की हैं।
आईबी पर पाक सेना के विशेष दस्ते तैनात
बीएसएफ की खुफिया विंग का कहना है कि सीमा पर फोनों को टैप करने से पता चला है कि पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की भारतीय सैनिकों और संपत्ति को निशाना बनाने के लिए अपनी चौकियों और रणनीतिक स्थलों पर शार्पशूटरों और निशानेबाजों को तैनात करनी की योजना है।
इसके साथ ही नियंत्रण रेखा (एलओसी) और आईबी से लगते चुनिंदा स्थलों पर पाक सेना कमांडो के विशेष दस्ते को भी तैनात किया गया है। इनका काम भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ और बार्डर एक्शन टीम (बैट) के हमलों में मदद करना है।
इसके अलावा बीएसएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के सियालकोट में बड़ी संख्या में आतंकियों की मौजूदगी का भी पता चला है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इन आतंकवादियों की जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में घुसपैठ कराने की साजिश रची जा रही है।