पानी के रास्ते भारतीय सीमा में घुसा चीन
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अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन दोबारा सीनाजोरी पर उतर आया है। हाल ही में चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने हाल ही में भारतीय सीमा क्षेत्र में जल और थल दो मार्गों से घुसपैठ की है।
जानकारी के अनुसार उसने पांगोंग झील में भारतीय जलसीमा में अपने सैनिक भेजने के साथ साथ इसी इलाके में जमीनी रास्ते से भी भारतीय सीमा में पांच किलोमीटर की दूरी तक अपने सैनिक भेज दिए हैं।
पांगोंग झील से नौका के सहारे जल क्षेत्र में घुसे चीनी
सूत्रों ने बताया कि इस घुसपैठ के ठीक बाद चीनी सैनिक पांगोंग झील के साथ बनी सड़क के रास्ते दाखिल हुए। यह क्षेत्र लेह से 168 किलोमीटर की दूरी पर पूर्वी लद्दाख में पांगोंग झील के उत्तरी तट पर है।
हालांकि आईटीबीपी के चौकस सैनिकों ने चीनी सैनिकों की गतिविधि को देख लिया और उन्हें झील में उसी काल्पनिक रेखा पर रोक दिया, जिसे वास्तविक नियंत्रण रेखा माना जाता है।
आईटीबीपी के सैनिकों ने पर्वतीय क्षेत्र में चलने वाले वाहनों पर सवार उन चीनी सैनिकों को भी रोक दिया, जो सड़क के रास्ते वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार करने का प्रयास कर रहे थे।
आईटीबीपी ने कड़ा विरोध कर वापिस लौटाया
गौरतलब है कि पिछले दो महीनों में चीन कई बार भारतीय सीमा का अतिक्रमण कर अंदर प्रवेश कर चुका है। गत माह भी चीनी राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान चीनी सैनिक लद्दाख क्षेत्र के चुमार में डेरा जमाकर बैठ गए थे।
उनके साथ चीनी घुमंतु जाति के लोग भी काफी संख्या में भारतीय सीमा के आसपास अपने टेंट लगाकर जमा हो गए थे। बाद में कुटनीतिक स्तर पर हुई बातचीत के बाद चीनी सैनिक वापिस लौट गए थे। उसके बाद से ही भारत चीन सीमा पर लगातार तनाव बना हुआ है।
ताजा घुसपैठ के बाद एलएसी पर फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। हालांकि अच्छी बात ये है कि भारतीय जवान पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूती से चीनी सैनिकों का मुकाबला कर उन्हें लौटने पर मजबूर कर रहे हैं।