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Jammu News: मासूम साफ कर रहे जूतों की धूल, नहीं जा पा रहे स्कूल
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- प्रशासन ने शहर में चलाई मुहिम, पांच दिन में 14 साल से कम उम्र के 60 बच्चों को रेस्क्यू करने का दावा
- हकीकत : अब भी बच्चे मांग रहे भीख, रोटी के लिए कर रहे काम
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर भर में मासूम भीख मांगने, सामान बेचने के साथ जूतों की धूल साफ कर रहे हैं, लेकिन कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा। प्रशासन ऐसे बच्चों की तलाश में मुहिम चलाने का दावा कर रहा है। पांच दिन से शहर में भीख मांग रहे या प्रतिष्ठानों, दुकानों और अन्य जगह काम कर रहे 14 साल से कम उम्र के बच्चों को तलाश की जा रही है। दावा है कि इस मुहिम में अब तक 60 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। छोटे बच्चे भीख मांगते और बूट पॉलिश करते नजर आ रहे हैं।
शनिवार को बाहु प्लाजा में दस साल का बच्चा जूते पॉलिश करवालो... के लिए आवाज लगा रहा था। बच्चे ने बताया कि वह काफी समय से यह काम कर रहा है। पढ़ाई के बारे में पूछने पर कहता है - कभी स्कूल नहीं गया। मम्मी-पापा काम पर भेज देते हैं। गांधीनगर इलाके में भी चौक-चौहारों, ट्रैफिक सिग्नल और रेहड़ी जोन पर छोटे बच्चे गुब्बारे बेचते या फिर भीख मांग रहे हैं। रेहड़ियों का मेन्यू लेकर गाड़ियों के पीछे भाग रहे हैं। जम्मू के हर ट्रैफिक सिग्नल एशिया चौक, नरवाल, सतवारी, ग्रेटर कैलाश के पास बच्चे भीख मांगते नजर आ रहे हैं।
बता दें कि जम्मू की पूर्व डीसी अवनी लवासा ने इसी साल मई में जिला टास्क फोर्स का गठन किया था। इसमें जम्मू के कई विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए भीख मांगते या काम करते 14 साल से कम उम्र के बच्चों की तलाश कर स्कूल भेजने का जिम्मा सौंपा गया था। लेकिन अभी तक मुहिम सिरे नहीं चढ़ पाई है। शनिवार को भी सोशल वेल्फेयर विभाग, श्रमिक विभाग, जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मिलकर मुहिम के तहत ऐसे बच्चों को रेस्क्यू किया, ताकि उनको स्कूल भेजने के साथ इनके जीवन में सुधार लाया जा सके। यह मुहिम मार्ट, मंगल मार्केट, बाहु प्लाजा, शिव मार्केट आदि में चलाई गई। टीम ने 14 विभागों और एनजीओ के लोग शामिल हैं।
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शहर में पांच दिन से लगातार ड्राइव चलाकर भीख मांगते और दुकानों या अन्य प्रतिष्ठानों पर काम करते 14 साल से कम उम्र के बच्चों की तलाश की जा रही है। पहले दिन बाहु फोर्ट, दूसरे दिन परेड, तीसरे दिन वेयर हाउस, चौथे दिन नरवाल और शनिवार को मंगल मार्केट, शिव मार्केट आदि इलाकों में मुहिम चलाकर 60 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है, जिन्हें स्कूल भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
टीपू मार्गे, प्रोटेक्शन अफसर, सोशल वेल्फेयर विभाग
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- हकीकत : अब भी बच्चे मांग रहे भीख, रोटी के लिए कर रहे काम
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर भर में मासूम भीख मांगने, सामान बेचने के साथ जूतों की धूल साफ कर रहे हैं, लेकिन कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा। प्रशासन ऐसे बच्चों की तलाश में मुहिम चलाने का दावा कर रहा है। पांच दिन से शहर में भीख मांग रहे या प्रतिष्ठानों, दुकानों और अन्य जगह काम कर रहे 14 साल से कम उम्र के बच्चों को तलाश की जा रही है। दावा है कि इस मुहिम में अब तक 60 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। छोटे बच्चे भीख मांगते और बूट पॉलिश करते नजर आ रहे हैं।
शनिवार को बाहु प्लाजा में दस साल का बच्चा जूते पॉलिश करवालो... के लिए आवाज लगा रहा था। बच्चे ने बताया कि वह काफी समय से यह काम कर रहा है। पढ़ाई के बारे में पूछने पर कहता है - कभी स्कूल नहीं गया। मम्मी-पापा काम पर भेज देते हैं। गांधीनगर इलाके में भी चौक-चौहारों, ट्रैफिक सिग्नल और रेहड़ी जोन पर छोटे बच्चे गुब्बारे बेचते या फिर भीख मांग रहे हैं। रेहड़ियों का मेन्यू लेकर गाड़ियों के पीछे भाग रहे हैं। जम्मू के हर ट्रैफिक सिग्नल एशिया चौक, नरवाल, सतवारी, ग्रेटर कैलाश के पास बच्चे भीख मांगते नजर आ रहे हैं।
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बता दें कि जम्मू की पूर्व डीसी अवनी लवासा ने इसी साल मई में जिला टास्क फोर्स का गठन किया था। इसमें जम्मू के कई विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए भीख मांगते या काम करते 14 साल से कम उम्र के बच्चों की तलाश कर स्कूल भेजने का जिम्मा सौंपा गया था। लेकिन अभी तक मुहिम सिरे नहीं चढ़ पाई है। शनिवार को भी सोशल वेल्फेयर विभाग, श्रमिक विभाग, जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मिलकर मुहिम के तहत ऐसे बच्चों को रेस्क्यू किया, ताकि उनको स्कूल भेजने के साथ इनके जीवन में सुधार लाया जा सके। यह मुहिम मार्ट, मंगल मार्केट, बाहु प्लाजा, शिव मार्केट आदि में चलाई गई। टीम ने 14 विभागों और एनजीओ के लोग शामिल हैं।
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शहर में पांच दिन से लगातार ड्राइव चलाकर भीख मांगते और दुकानों या अन्य प्रतिष्ठानों पर काम करते 14 साल से कम उम्र के बच्चों की तलाश की जा रही है। पहले दिन बाहु फोर्ट, दूसरे दिन परेड, तीसरे दिन वेयर हाउस, चौथे दिन नरवाल और शनिवार को मंगल मार्केट, शिव मार्केट आदि इलाकों में मुहिम चलाकर 60 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है, जिन्हें स्कूल भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
टीपू मार्गे, प्रोटेक्शन अफसर, सोशल वेल्फेयर विभाग